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केंद्र सरकार का नया आदेश, अब मोबाइल में एक्टिव सिम से ही चलेंगे WhatsApp, Telegram, ShareChat; सिम हटाई तो एप बंद

WhatsApp

केंद्र सरकार ने शनिवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर नया आदेश जारी किया है। WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Aratai और Josh जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स मोबाइल में एक्टिव सिम कार्ड के बिना नहीं चल पाएंगे।

दूरसंचार विभाग के आदेश में कहा गया है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स यह तय करें कि एप तभी चलेगा, जब यूजर की रजिस्टर्ड सिम उस मोबाइल में एक्टिव होगी। इतना ही नहीं ‘सिम बाइंडिंग’ के तहत अगर मोबाइल से सिम निकाल ली जाती है, तो वॉट्सएप और बाकी दूसरे मैसेजिंग एप बंद हो जाएंगे।

साइबर धोखाधड़ी पर रोक (WhatsApp)

नए नियम का उद्देश्य साइबर फ्रॉड, स्पैम और फर्जी कॉल पर रोक लगाना है। सरकार का मानना है इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। कंपनियों को 90 दिन में सिम-बाइंडिंग लागू करनी होगी, पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

वेब ब्राउजर यानी लैपटॉप या डेस्कटॉप के जरिए लॉगिन करने वाले यूजर के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को हर छह घंटे में यूजर को लॉगआउट करना होगा। इसके बाद क्यूआर कोड के जरिए ही लॉगिन हो सकेगा।

SIM बंद तो एप भी बंद

अभी एप्स सिर्फ इंस्टॉलेशन के वक्त मोबाइल नंबर का एक बार वेरिफिकेशन करते हैं। इसके बाद एप सिम हटाने या नंबर बंद होने पर भी चलता रहता है। बस इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। अब नंबर एक्टिवेट होने पर ही इन एप्स का प्रयोग किया जा सकेगा। यानी SIM बंद तो एप भी बंद। (WhatsApp)

यह नंबर आप दोबारा अलॉट कराएं या नया नंबर लें बंद हुए एप्स पर इसे दोबारा रजिस्टर्ड करना होगा। कुल मिलाकर यूजर को एप चलाने के लिए अपना नंबर चालू रखना जरूरी होगा। इसे SIM-बाइंडिंग नियम भी कह रहे हैं।

ओटीपी-बेस्ड एप्स पर असर

(WhatsApp) वॉट्सएप-टेलीग्राम-स्नैपचैट के अलावा दूसरे एप के इस्तेमाल पर भी इसका असर होगा। सभी ओटीपी बेस्ड मैसेजिंग, कॉलिंग और सोशल एप प्रभावित होंगे। इनमें वे एप शामिल हैं जिनमें वैरिफिकेशन जरूरी है। जैसे- सिग्नल, आईमैसेज, ट्रूकॉलर, ओटीपी से लिंक फेसबुक, इंस्टाग्राम, गूगल/एपल आईडी में नंबर बेस्ड रिकवरी और यूपीआई एप। मतलब, कोई भी एप जो मोबाइल नंबर पर आधारित लॉगिन देता है, वह इस नियम से प्रभावित होगा।

कब तक लागू किया जाएगा नियम?

कंपनियों को नियम लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सभी ओवर-द-टॉप (ओटीटी) संचार प्लेटफॉर्म को 90 दिन में सिम-टु-डिवाइस बाइंडिंग नियम मानना होगा। (WhatsApp)

केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक ​​कंपनियों को ​120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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