Gangster Goldy Brar: अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टॉप 10 मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल कर लिया है। इस घोषणा के साथ ही FBI ने उसकी गिरफ्तारी या उसके ठिकाने की जानकारी देने वाले के लिए 10 लाख डॉलर लगभग 8-10 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है।
FBI की यह कार्रवाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। FBI के लॉस एंजिल्स FIELD ऑफिस ने 28 सितंबर 2026 को गोल्डी बराड़ को इस कुख्यात सूची में जोड़ा। वह इस लिस्ट में शामिल होने वाला 543वां भगोड़ा है।
Gangster Goldy Brar: कौन है गोल्डी बराड़? पंजाब से अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट तक का सफर
गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है और उसका जन्म 11 मार्च 1994 में पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब (फरीदकोट) में हुआ था। उसके पारिवारिक संबंध कानून प्रवर्तन से थे। उसके पिता पंजाब पुलिस में एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) थे। चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान, गोल्डी पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति की ओर आकर्षित हुआ, जहां उसकी मुलाकात लॉरेंस बिश्नोई से हुई। लॉरेंस के साथ उसकी दोस्ती जल्द ही उत्तर भारत के सबसे खतरनाक और कुख्यात आपराधिक गठबंधनों में बदल गई।
साल 2017 में, जब परिवार ने देखा कि गोल्डी गलत संगत में पड़ रहा है, तो उसे स्टूडेंट वीजा पर कनाडा भेज दिया गया। कनाडा में उसने शुरुआत में ट्रक ड्राइवर और अन्य छोटे-मोटे काम किए, लेकिन भारत में बैठे अपराधियों और लॉरेंस बिश्नोई के साथ उसका संपर्क कभी नहीं टूटा।
अपराध का ‘कॉरपोरेट मॉडल’ और अंतरराष्ट्रीय जाल
गोल्डी बराड़ (Gangster Goldy Brar) का काम करने का तरीका पारंपरिक गैंगस्टरों से बिल्कुल अलग रहा है। वह खुद कभी किसी वारदात की जगह पर नहीं जाता। उसने विदेशों (कनाडा और अमेरिका) में बैठकर भारत में फैले अपने शूटरों के नेटवर्क को ‘आउटसोर्सिंग मॉडल’ के जरिए नियंत्रित करना शुरू किया। वह भारत में अपने गुर्गों से संवाद करने के लिए सिग्नल, टेलीग्राम और थ्रिमा जैसे अत्यधिक एन्क्रिप्टेड ऐप्स और वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करता है।
व्यापारियों, पंजाबी संगीत उद्योग के सितारों, राजनेताओं और सटोरियों से वसूली गई करोड़ों रुपये की रंगदारी को हवाला चैनलों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेशों में ट्रांसफर किया जाता है। भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसका सिंडिकेट पाकिस्तान से ड्रोनों के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल रहा है। भारत में वह विशेष रूप से मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या (मई 2022) के मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता है, जिसकी जिम्मेदारी उसने खुद सोशल मीडिया पर ली थी। भारत सरकार ने उसे यूएपीए (UAPA) के तहत एक घोषित आतंकवादी का दर्जा दिया है।
क्यों पड़ी FBI को दखल देने की जरूरत?
अब तक माना जाता था कि गोल्डी बराड़ (Gangster Goldy Brar) केवल कनाडा के सुरक्षित ठिकानों से अपना नेटवर्क चला रहा है, जहां वह पहले कनाडा की टॉप-25 वांटेड लिस्ट में भी रहा था। हालांकि, अमेरिकी धरती पर बढ़ती हिंसक गतिविधियों के बाद एफबीआई ने इस सिंडिकेट के खिलाफ कमर कसी। FBI के लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के अनुसार, गोल्डी बराड़ लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह का उत्तरी अमेरिका में प्रमुख ऑपरेशनल लीडर है। यह गैंग दक्षिणी कैलिफोर्निया, सैक्रामेंटो, फ्रेस्नो और पूरे अमेरिका-कनाडा में लक्षित हत्याओं, जबरन वसूली, अपहरण, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसी हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियों द्वारा चलाए गए एक साझा और व्यापक अभियान, जिसे ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ (Operation Hardball) नाम दिया गया, के तहत जुलाई 2026 में भारत-आधारित इस अंतरराष्ट्रीय अपराध समूह के 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इस ऑपरेशन के तहत बड़े पैमाने पर ड्रग्स और अवैध हथियार जब्त किए गए। इसके बाद, लॉस एंजिल्स की संघीय अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर एफबीआई ने गोल्डी को अपनी सबसे बड़ी वांटेड सूची में अपग्रेड कर दिया।
भारत-कनाडा भू-राजनीतिक तनाव और ‘निज्जर केस’ का कनेक्शन
FBI की इस सूची और अमेरिकी अभियोगों में एक और सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। FBI और अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि जून 2023 में कनाडा के सरे में कनाडाई सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आदेश के पीछे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ (Gangster Goldy Brar) का ही हाथ था।
इससे पहले, कनाडा और भारत के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव के कारण अप्रैल 2024 में गोल्डी बराड़ का नाम कनाडाई वांटेड लिस्ट से रहस्यमयी ढंग से हटा दिया गया था, जिससे भारत की सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन अमेरिकी फेडरल ब्यूरो द्वारा इस मामले को हाथ में लेने और सीधे तौर पर निज्जर हत्याकांड साथ ही रिको (RICO – Racketeer Influenced and Corrupt Organizations) साजिश से जोड़ने के बाद यह साफ हो गया है कि अमेरिका इसे अपने प्रवासी समुदाय की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मान रहा है।
अब आगे क्या?
एफबीआई ने जनता के लिए जारी बुलेटिन में साफ चेतावनी दी है कि सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अत्यंत हिंसक, खतरनाक और आधुनिक हथियारों से लैस है, और उसके देश छोड़कर भागने का भी भारी जोखिम है। माना जा रहा है कि वह फिलहाल कैलिफोर्निया या कनाडा के किसी गुप्त ठिकाने पर छिपा हुआ है।
FBI की टॉप-10 लिस्ट में शामिल होने का मतलब है कि अब दुनिया भर की खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियां समन्वित रूप से उसकी तलाश करेंगी। 10 लाख डॉलर की इनामी राशि ने दुनिया भर के मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया है। भारत के एक छोटे से जिले से शुरू हुआ गोल्डी बराड़ (Gangster Goldy Brar) का यह खूनी खेल अब उसे वैश्विक न्याय के ऐसे घेरे में ले आया है, जहां से उसका बचना नामुमकिन नजर आता है।









