Hardoi: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावट के शक में लगभग 38 हजार लीटर दूध जब्त किया है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे राज्य में चलाए जा रहे ‘मिलावटखोरी विरोधी अभियान’ के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध दूध पकड़े जाने से इलाके के दूध व्यवसायियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
Hardoi: गुप्त सूचना पर टीम ने मारा छापा
मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम को पिछले काफी समय से हरदोई और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक और मिलावट युक्त दूध की सप्लाई किए जाने की गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं। इसी इनपुट के आधार पर FSDA की मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने हरदोई के एक प्रमुख मार्ग पर नाकेबंदी की और संदिग्ध टैंकरों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान दूध से भरे बड़े टैंकरों को रोका गया। जब अधिकारियों ने दूध की प्रारंभिक जांच की, तो उसमें गड़बड़ी के लक्षण दिखाई दिए। पूछताछ में टैंकर चालक और संबंधित लोग दूध के स्रोतों और उसकी शुद्धता से जुड़े पुख्ता दस्तावेज नहीं दिखा सके।
38 हजार लीटर दूध सीज, सैंपल लैब भेजे गए
अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 38,000 लीटर दूध को अपने कब्जे में ले लिया और पूरे स्टॉक को सीज कर दिया। जब्त किए गए दूध की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही दूध के कई अलग-अलग सैंपल लिए। इन सैंपलों को लखनऊ स्थित राजकीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला (State Food Laboratory) में विस्तृत जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि दूध में किस चीज की मिलावट की गई थी। क्या इसमें यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च या केमिकल मिलाकर इसे सिंथेटिक रूप दिया गया था, या फिर पानी की भारी मिलावट थी। (Hardoi)
त्योहारों के सीजन में सक्रिय हुए मिलावटखोर
अक्टूबर और नवंबर का महीना त्योहारों (जैसे दशहरा, दीपावली और भाईदूज) का होता है। इस दौरान बाजारों में खोया, पनीर, घी और अन्य मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी मांग को पूरा करने और मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। वे केमिकल और सिंथेटिक तरीकों से नकली दूध तैयार कर बाजारों में सप्लाई करते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
हरदोई के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री और कमिश्नर के सख्त निर्देश हैं कि हर हाल में शुद्ध खाद्य पदार्थ ही बाजार में बिकने चाहिए। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”
दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही प्रयोगशाला से दूध के सैंपलों की रिपोर्ट आएगी, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि दूध में सेहत के लिए हानिकारक केमिकल या सिंथेटिक पदार्थ पाए जाते हैं, तो संबंधित डेरी मालिकों, सप्लायरों और टैंकर मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSA), 2006 की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। (Hardoi)
प्रशासन की जनता से अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि लोग त्योहारों के समय खुली मिठाइयों, अत्यधिक सफेद खोया या पनीर खरीदने से बचें और केवल विश्वसनीय या पंजीकृत दुकानों से ही खरीदारी करें। यदि किसी को अपने आस-पास नकली दूध या खोया बनाने की भनक लगती है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत खाद्य विभाग के कंट्रोल रूम में दर्ज करा सकते हैं। हरदोई में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ पूरी तरह से ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। (Hardoi)









