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“किसानों के साथ विश्वासघात है…”, अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

India-US Trade Deal

India-US Trade Deal: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजारों को खोलना देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ विश्वासघात है, जो अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जबकि वाशिंगटन का दावा है कि इस समझौते से उसे नई दिल्ली को अधिक कृषि उत्पाद निर्यात करने में मदद मिलेगी। (India-US Trade Deal)

India-US Trade Deal: अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए यादव ने कहा कि भाजपा ने फिर ‘किसानों’ पर हमला किया। भाजपा सरकार, जवाब दो: दबाव क्या है? अमेरिकी कृषि उत्पादों और अनाजों के लिए भारत के बाज़ार खोलना हमारे देश की 70% आबादी के साथ विश्वासघात है, जो अपनी आजीविका के लिए खेती और कृषि पर निर्भर है। भाजपा सदस्य और उनके सहयोगी स्वतंत्रता से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, और आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपा सदस्यों और उनके सहयोगियों को जनता के बीच जाकर यह बताना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था के साथ विश्वासघात करने के बदले उन्होंने कितना कमीशन लिया है। (India-US Trade Deal)

यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां न केवल किसानों को नुकसान पहुंचाएंगी बल्कि खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ाकर, मुनाफाखोरी को बढ़ावा देकर और अंततः किसानों को अपनी जमीन बड़ी कंपनियों को बेचने के लिए मजबूर करके निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को भी नुकसान पहुंचाएंगी।

सपा प्रमुख ने कहा कि इससे न सिर्फ किसानों पर, बल्कि निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग पर भी गंभीर असर पड़ेगा, क्योंकि इससे अनाज और कृषि उत्पादों से मुनाफाखोरी बढ़ेगी और बिचौलियों की एक नई नस्ल पैदा होगी। नतीजतन, सभी खाद्य और पेय पदार्थ और भी महंगे हो जाएंगे। साथ ही, भाजपा इन कंपनियों से चंदा भी वसूलेगी, जिससे खाद्य और कृषि उत्पादों की कीमतें और भी बढ़ जाएंगी। धीरे-धीरे, इससे हमारे किसानों की खेती और आय कम हो जाएगी, जिससे वे अपनी जमीन अमीरों और निगमों को बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जमीन हड़पना भाजपा सदस्यों और उनके सहयोगियों का अंतिम लक्ष्य है। (India-US Trade Deal)

सपा सांसद ने केंद्र की विदेश नीति की आलोचना की

इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी केंद्र की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इसकी अस्पष्टता ने व्यापारियों और निर्यातकों को नुकसान पहुंचाया है, कारोबारियों के लिए वित्तीय तनाव पैदा किया है और वैश्विक मंच पर भारत के राष्ट्रीय हितों को कमजोर किया है। (India-US Trade Deal)

राजीव राय ने कहा कि निश्चित रूप से यह अमेरिका के साथ निर्यात व्यापार करने वाले हमारे सभी व्यापारियों और कारोबारियों के लिए राहत की बात है। लेकिन इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? एक गलत विदेश नीति के कारण ऐसी अराजकता पैदा हुई है। कई कारोबारियों ने बैंक से कर्ज लिया है और वे किश्तें चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। अगर विदेश नीति में स्पष्ट रूपरेखा का अभाव है, तो देश को इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं। यह भारत सरकार के लिए एक सबक है।

सपा सांसद ने कहा कि निजी प्रचार को एक तरफ रखकर, हमें राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखना चाहिए। रूस हमेशा चट्टान की तरह हमारे साथ खड़ा रहा है। जब यूक्रेन के साथ उसका संघर्ष चल रहा था, तब हमें यूक्रेन जाकर ‘विश्वगुरु’ बनने की क्या जरूरत थी? जब हम यूक्रेन गए, तो यूरोपीय देशों ने आपत्ति जताई कि हम रूस से तेल खरीद रहे हैं। इसलिए, एक मजबूत रुख अपनाएं। आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते। राष्ट्र का सम्मान और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए। (India-US Trade Deal)


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