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India’s Digital Strike against Terror: देश को मिला नया सुरक्षा कवच, अब NSG का ‘NIDMS’ करेगा बम धमाकों का वैज्ञानिक पोस्टमार्टम।

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए आज एक अभेद्य सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Amit Shah)ने मानेसर स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) परिसर में ‘नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम’ (NIDMS) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस सिस्टम के शुरू होने से अब देश में कहीं भी होने वाले आईईडी (IED) विस्फोटों की जांच न केवल तेज होगी, बल्कि बेहद सटीक भी होगी। NIDMS केवल एक डेटाबेस नहीं, बल्कि एक इंटेलिजेंट सिस्टम है जो आतंकवादी घटनाओं का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करता है। देखा जाए तो यह डिजिटल सुरक्षा निम्लिखित बातों पर विश्वास ध्यान देगी।

1. सटीक डेटा विश्लेषण: यह सिस्टम देश और दुनिया भर में होने वाले बम विस्फोटों और आईईडी बरामदगी के डेटा को एकत्रित करेगा।

2. आतंकियों के सिग्नेचरकी पहचान: हर आतंकी गुट के बम बनाने का एक खास तरीका होता है जिसे ‘सिग्नेचर’ कहा जाता है। NIDMS इस तरीके का विश्लेषण कर यह बता पाएगा कि किसी धमाके के पीछे किस संगठन का हाथ है।

3. वैज्ञानिक जांच (Scientific Investigation): यह सिस्टम विस्फोट स्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान पुराने डेटा से करेगा, जिससे जांच एजेंसियों को गुनहगारों तक पहुँचने में घंटों का समय लगेगा, जो पहले महीनों का होता था।

4. रीयल-टाइम अपडेट: देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पोर्टल के जरिए संदिग्ध आईईडी और विस्फोटकों की जानकारी साझा कर सकेंगी।

एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा

गृह मंत्री ने कहा कि ‘One Nation, One Data Repository’ के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा। शाह ने आगे कहा कि यह सही सूचना को सही समय और सही जगह पर पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास होगा।

NSG हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ

अमित शाह ने कहा कि NSG हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। NSG के जवानों की वीरता, अद्वितीय कौशल और अटूट समर्पण के कारण हमारे नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी हमला हो, उसका सटीक और त्वरित जवाब देना हो, एंटी-हाइजैक ऑपरेशन के लिए निरंतर तैयारी बनाए रखनी हो, बम डिस्पोजल के ऑपरेशन हों या कोई अन्य चुनौती—हर क्षेत्र में NSG ने न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि हर बार सफल परिणाम भी दिए हैं।

NSG का ‘नेशनल बम डेटा सेंटर’ पहले से ही इस क्षेत्र में अग्रणी रहा है, लेकिन NIDMS के जुड़ने से अब इसकी क्षमता कई गुना बढ़ गई है। यह सिस्टम न केवल भविष्य के हमलों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि सुरक्षा बलों को बम निरोधक (Bomb Disposal) की नई और सुरक्षित तकनीकें विकसित करने के लिए भी डेटा प्रदान करेगा।

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