Iran-US War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ (Trump Strait) करने का एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। 2 सितम्बर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि यह जलमार्ग पूरी तरह से अमेरिका के नियंत्रण में है, इसलिए इसका नाम बदला जाना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ईरान के साथ पिछले छह महीनों से चल रहे भीषण युद्ध के बीच आए इस बयान ने वैश्विक राजनीति और रणनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
Iran-US War: ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने कहा- अब अमेरिका के नियंत्रण में है होर्मुज
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “अब जब यह अमेरिका के नियंत्रण में है, तो क्या हमें होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ कर देना चाहिए??? खुद अमेरिका की तरह, यह पहले से कहीं अधिक ‘हॉटर’ होगा!” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं और अमेरिकी नौसेना ने इस मार्ग पर कड़ा पहरा लगा रखा है।

ह्वाइट हाउस के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से ईरानी बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि इस जलमार्ग पर अब अमेरिका का लगभग पूर्ण नियंत्रण है, इसलिए वे ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए इस प्रकार की रीब्रांडिंग का सहारा ले रहे हैं। (Iran-US War)
नाम बदलने की ट्रंप की पुरानी रणनीति, पहले भी बदल चुके हैं भौगोलिक नाम
यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी अंतरराष्ट्रीय या भौगोलिक स्थल का नाम बदलने का प्रयास या घोषणा की हो। व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वे लगातार अमेरिकी वर्चस्व दिखाने के लिए प्रतीकात्मक नाम बदलते रहे हैं। जनवरी 2025 में कार्यभार संभालने के पहले ही दिन ट्रंप ने ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ (मेक्सिको की खाड़ी) का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था।
कनाडा के साथ चल रहे व्यापार युद्ध के बीच उन्होंने ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का फरमान जारी किया था। कनाडा और मेक्सिको दोनों ही देशों ने इन बदलावों को कभी स्वीकार नहीं किया, और ठीक इसी तरह होर्मुज का नाम बदलने के प्रस्ताव को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महज एक राजनीतिक बयानबाजी माना जा रहा है। (Iran-US War)
दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्ग पर संकट, तेल-गैस सप्लाई पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता था। ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण इस मार्ग से होने वाला व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां पहले रोजाना औसतन 13 कमोडिटी जहाज यहां से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर महज 4 रह गई है। इस रूट पर तनाव के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
क्या अमेरिका सच में बदल सकता है होर्मुज का नाम? जानें अंतरराष्ट्रीय कानून
वैश्विक विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का मानना है कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है।अमेरिका के पास एकतरफा तौर पर इसका नाम बदलने का कोई कानूनी या वैश्विक अधिकार नहीं है। ईरान ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि यह क्षेत्र अमेरिका के नियंत्रण में है। तेहरान का रुख साफ है कि यह जलमार्ग पूरी तरह से ईरान के प्रबंधन और संप्रभुता के तहत आता है।
ट्रंप के हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें भी दागी हैं। जिस तरह मेक्सिको और कनाडा ने ट्रंप के पिछले फैसलों को नहीं माना, उसी तरह संयुक्त राष्ट्र (UN) या अन्य वैश्विक शक्तियां इस नाम परिवर्तन को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। (Iran-US War)
कागजों पर शायद न बदले नाम, लेकिन ट्रंप के बयान ने बढ़ाई भू-राजनीतिक गर्मी
ट्रंप ईरान से किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि ईरान किसी परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करता है या नहीं, क्योंकि इस समय वे ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर चुके हैं।
भले ही कागजों पर ‘होर्मुज’ कभी ‘ट्रंप स्ट्रेट’ न बन पाए, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इस आक्रामक और विवादित बयान के जरिए दुनिया को यह संदेश जरूर दे दिया है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी दखल और आक्रामकता अब चरम पर है। (Iran-US War)









