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Jaypee Infratech Ltd के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग केस में एमडी मनोज गौड़ गिरफ्तार

Jaypee Infratech Ltd

जेपी ग्रुप की कंपनी जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (Jaypee Infratech Ltd) एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस बड़े घोटाले से जुड़ी है, जिसमें 12,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और घर खरीदारों के पैसे की हेराफेरी का आरोप है।

क्या है आरोप? (Jaypee Infratech Ltd)

दरअसल, ईडी का आरोप है कि जेपी इंफ्राटेक, जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड जैसी कई और रियल एस्टेट कंपनियों ने घर खरीदारों और निवेशकों का पैसा लेकर उन्हें फ्लैट नहीं दिए हैं, बल्कि उनसे मिली रकम को दूसरे प्रोजेक्ट्स में डायवर्ट किया गया। इससे घर खरीदारों को नुकसान हुआ है। दूसरी कंपनियों में गौरसंस, गुलशन, महागुन और सुरक्षा रियल्टी शामिल हैं।

इसी सिलसिले में बीते दिनों ईडी की टीम ने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के टोटल 12 लोकेशंस पर छापामारी करने पहुंची हुई थी। जांच में यह बात सामने आई कि कंपनी ने घर खरीदारों की रकम को गोलमाल कर अपनी अन्य ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर किया। ईडी की एक टीम नोएडा के 128 सेक्टर में स्थित जेपी बिल्डर के मार्केटिंग ऑफिस में भी पहुंची हुई थी। (Jaypee Infratech Ltd)

पहले भी घिर चुकी है कंपनी

यह पहला मौका नहीं है जब जेपी ग्रुप विवादों में आया हो। साल 2017 में भी जेपी इन्फ्राटेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उस वक्त भी घर खरीदारों ने प्रदर्शन कर कंपनी पर आरोप लगाया था कि उनकी मेहनत की कमाई को ठगा गया है।

जेपी इन्फ्राटेक उस समय दिवालिया प्रक्रिया में भी शामिल हुई थी, लेकिन बावजूद इसके, घर खरीदारों को राहत नहीं मिल सकी। अब ईडी की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर इस समूह को सुर्खियों में ला दिया है। (Jaypee Infratech Ltd)

आगे की कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, मनोज गौर से ईडी ने कई घंटे तक पूछताछ की और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से ईडी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि धन के प्रवाह और उससे जुड़े अन्य नामों का खुलासा किया जा सके।

वहीं, कंपनी की ओर से कहा गया है कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं और सभी ट्रांजैक्शन कानूनी दायरे में किए गए थे। हालांकि, ईडी का मानना है कि इस पूरे मामले में कई परतें हैं जो आने वाले दिनों में खुलेंगी। (Jaypee Infratech Ltd)

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