केजीएमयू धर्मांतरण और शोषण मामले में लखनऊ प्रशासन और शासन की बहुत फजीयत देखने को मिली और अभी तक आरोपी को पकड़ने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही है. इसी कड़ी में कल पीड़िता ने सीएम योगी से मुलाकात की है। जिसके बाद सीएम योगी ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाइ करने क पूरा भरोसा जताया है। आपको बता दें कि आरोपी डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। जबकि केजीएमयू ने उसे निलंबित कर दिया है और पुलिस व विश्वविद्यालय स्तर पर जांच जारी है।

पीड़िता की सीएम योगी मुलाकात
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के साथ यदि अन्य लोग शामिल पाए गए तो उन सभी पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए.
क्या था पूरा मामला
यह मामला केजीएमयू के एमडी पैथोलॉजी विभाग से जुड़ा है। आरोपी डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और निजी फोटो व वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और यह बात उसने छिपाई।
एफआईआर के अनुसार पीड़िता सितंबर महीने में गर्भवती हुई थी और आरोपी ने उस पर जबरन गर्भपात का दबाव बनाया। मानसिक उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर पीड़िता ने 17 दिसंबर को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। समय रहते दोस्तों ने उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उसकी जान बचाई जा सकी।
क्या कहता है केजीएमयू प्रशासन
केजीएमयू प्रशासन की ओर से बताया गया कि पुलिस इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कर रही है। अब देखना है कि पीड़िता को कब तक इंसाफ मिलेगा।









