Kushinagar Narayani River Flood: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण नारायणी (गंडक) नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तटवा टोला में चैनपट्टी और जवाही मल्ही एहतमाली के पास नारायणी नदी का मुख्य एपी तटबंध अचानक टूट गया। तटबंध टूटने से नदी का तेज बहाव रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ गया, जिससे दो दर्जन से अधिक गांवों में पानी भर गया और हजारों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है।
इस गंभीर संकट की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुरंत एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न केवल उच्च स्तरीय बैठक की, बल्कि मंगलवार को खुद कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया।
Kushinagar Narayani River Flood: सीएम योगी का हवाई सर्वेक्षण और ग्राउंड जीरो का दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर तमकुहीराज के बेदूपार इंटरमीडिएट कॉलेज में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। इससे पहले उन्होंने आसमान से गंडक नदी के उफान और प्रभावित गांवों की स्थिति का बारीकी से हवाई सर्वेक्षण किया।
हवाई निरीक्षण के तुरंत बाद सीएम योगी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, देवरिया के सांसद शशांक मणि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कटान प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने नदी की तेज धार के कारण हो रहे लगभग 100 मीटर के तटबंध कटाव स्थल को देखा और वहां चल रहे मरम्मत कार्यों की समीक्षा की।
पीड़ितों के बीच पहुंचे CM, खुद बांटी राहत सामग्री
संवेदनशील रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया और बेघर हुए ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उनके आंसू पोंछे। सीएम योगी ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और किसी भी नागरिक को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर खुद राहत किट का वितरण किया। इन किटों में सूखा राशन, तिरपाल, आवश्यक दवाएं और रोजमर्रा का जरूरी सामान शामिल है। प्रशासन के अनुसार, बाढ़ से करीब 1,400 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में लोगों को तटबंधों और राहत शिविरों में सुरक्षित शिफ्ट किया गया है। (Kushinagar Narayani River Flood)
युद्ध स्तर पर तैनात हैं NDRF और SDRF की टीमें
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद कुशीनगर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। गोरखपुर के कमिश्नर, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद आधी रात से ही बांध पर डेरा डाले हुए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF, SDRF और PAC की फ्लड वाहिनी को युद्ध स्तर पर तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जलभराव वाले क्षेत्रों से हर एक नागरिक और पशुधन को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया जाए।
सीएम योगी के कड़े निर्देश
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य अभियंता (बाढ़ खंड) को निर्देश दिया गया कि अतिरिक्त मैनपावर और सैंडबैग्स का उपयोग कर टूटे हुए तटबंध को तत्काल बांधा जाए ताकि पानी का फैलाव और न बढ़ सके। राहत शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं जो एंटी-वेनम और संक्रामक बीमारियों से बचाव की दवाएं वितरित कर रही हैं। (Kushinagar Narayani River Flood)
सीएम योगी ने साफ किया कि बाढ़ के कारण जिन लोगों के आशियाने उजड़े हैं या फसल बर्बाद हुई है, उनका त्वरित सर्वे कर सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही जनहानि होने की स्थिति में पीड़ितों के परिवारों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान पहले से ही सक्रिय है।









