Lucknow Aliganj Fire Incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में कोर्ट ने सभी चारों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ में हुई आगजनी की घटना में, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, सभी चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में से तीन को जेल भेज दिया गया, जबकि कॉम्प्लेक्स के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को दिल से संबंधित समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Lucknow Aliganj Fire Incident: गेमिंग और एनिमेशन स्टूडियो में लगी आग ने ली 15 जिंदगियां
लखनऊ की एसीजेएम-2 कोर्ट ने आगजनी की घटना के संबंध में सभी चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले में वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (भवन स्वामी), तुशांक कृष्ण जायसवाल (गेमिंग जोन संस्थान के निदेशक/संचालक), सुरेश कुमार साहू (आईटी नेटवर्किंग पेशेवर) और राम कृष्ण उपाध्याय को आरोपी बनाया गया है। एक दिन पहले लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिसमें एक गेमिंग और एनिमेशन स्टूडियो स्थित था। इस आग में जान गंवाने वाले 15 लोगों में स्टूडियो में काम करने वाले छात्र, प्रशिक्षु और कर्मचारी शामिल थे।
अलीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105/110/125/3 (5) के तहत भवन/संस्थानों के मालिकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों, जिनमें 4 आरोपी भी शामिल हैं, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों और घायलों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है और सरकार/प्रशासनिक सहायता के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। (Lucknow Aliganj Fire Incident)
सबूत जुटाने में जुटी प्रशासनिक टीम, कई विभागों से होगी पूछताछ
अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है और जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने एक घंटे से अधिक समय तक पूरी इमारत का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा, “घटनास्थल की अलग-अलर एंगल से तस्वीरें ली गई हैं और जांच में तेजी लाने के लिए सबूत जुटाए जा रहे हैं। आग लगने की घटना से जुड़े व्यक्तियों और विभागों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच के सभी चरण पूरे होने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।”
पेट शॉप से शुरू हुई आग, कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत चपेट में
बता दें, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में सोमवार को एक कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई छात्र घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर को हुआ। आग इमारत के नीचे स्थित एक दुकान (पेट शॉप) से शुरू हुई और तेजी से ऊपरी मंजिलों पर फैल गई, जहां एक निजी कोचिंग और एनिमेशन सेंटर चल रहा था। (Lucknow Aliganj Fire Incident)
कोचिंग सेंटर में फंसे छात्र, बचने को लगाई खिड़कियों से छलांग
यह घटना लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत उषा मेहता मार्ग (पुरनिया) पर स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में हुई।आग लगने के बाद पूरी इमारत में गाढ़ा धुआं भर गया। छत का रास्ता बंद होने के कारण छात्र अंदर ही फंस गए। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने इमारत की पहली और दूसरी मंजिल की खिड़कियों और छज्जों से नीचे छलांग लगा दी। कूदने की वजह से भी कई बच्चों को गंभीर चोटें आईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल और पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सीढ़ियों की मदद से खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे बच्चों को बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत पास के KGMU ट्रॉमा सेंटर और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया। (Lucknow Aliganj Fire Incident)
पीएम मोदी ने मृतकों के लिए 2 लाख, घायलों के लिए 50 हजार की सहायता घोषित
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोचिंग संस्थान में लगी आग में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से वित्तीय सहायता की घोषणा की। एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने घोषणा की कि PMNRF से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
सीएम योगी और प्रशासन मौके पर पहुंचे, उच्च स्तरीय जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद हालात का जायजा लेने घटना स्थल पर पहुंचे। सरकार ने इस पूरे अग्निकांड की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए, ताकि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।अलीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आग लगने की घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा छोटा कर दिया और तुरंत लखनऊ लौट गए। (Lucknow Aliganj Fire Incident)
अलीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे अभी-अभी लखनऊ में हुई एक घटना की जानकारी मिली है। वहां आग लगने की घटना में कुछ बच्चे फंस गए, जिसके चलते उनकी दुखद मृत्यु हो गई। प्रशासन राहत कार्यों में लगा हुआ है, लेकिन इस दुखद घटना के कारण मुझे तुरंत लखनऊ लौटना होगा।”
शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “मैं उन परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैंने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल का व्यक्तिगत रूप से दौरा करने और मामले पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। हम घटना की तह तक जाएंगे और दोषियों को सजा दिलवाएंगे।” (Lucknow Aliganj Fire Incident)









