UP Politics: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है। राजभर ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ ‘भूमि घोटाले’ के आरोपों को लेकर अखिलेश यादव की घबराहट असल में उनके खुद के राज उजागर होने के डर को दर्शाती है।
UP Politics: मध्य प्रदेश में सपा नेताओं के निवेश का दावा, जांच की उठाई मांग
राजभर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में अखिलेश यादव और उनके करीबियों ने भारी निवेश किया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख के कोषाध्यक्ष के दामाद का वहां ट्रांसपोर्ट का बड़ा बिजनेस है और उन्होंने भारी जमीनें खरीदी हैं। राजभर के मुताबिक, अखिलेश यादव को डर है कि गोमती रिवरफ्रंट घोटाले की रिपोर्ट के बाद कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट भी बाहर न आ जाए, जिससे उनका वहां किया गया निवेश डूब जाएगा।
बुधवार को मीडिया से बात करते हुए राजभर ने कहा, “मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रियल एस्टेट के कारोबार में काम करते थे।विपक्ष इन्हीं जमीनों को हवा देने की कोशिश कर रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कोषाध्यक्ष का दामाद परिवहन व्यवसाय में है और उन्होंने कुछ जमीन खरीदी है, इसलिए लोगों को डर है कि उनके राज खुल सकते हैं।” (UP Politics)
अखिलेश बोले- मोहन यादव को हटाने की भाजपा रच रही साजिश
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर पार्टी शासित कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बदलने के प्रयास का आरोप लगाया है, और कहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण के आरोप मुख्यमंत्री को पद से हटाने के लिए ‘भाजपा की साजिश’ है।
मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश रची है। अगर ये आरोप मोहन यादव पर हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 300-600 एकड़ जमीन खरीदी है। यह कोई नई बात नहीं है। वे पहले रियल एस्टेट का कारोबार करते थे। क्या भाजपा को यह जानकारी नहीं है? ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि भाजपा तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता ढूंढ रही है। वे मुख्यमंत्रियों को बदलना चाहते हैं, इसलिए आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना चाहते हैं। वे इन दोनों को इसलिए हटा रहे हैं क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना चाहते हैं। यह उन्हें हटाने की साजिश है।” (UP Politics)
2027 चुनाव पर अखिलेश का दावा, बोले- किसी भी हाल में सत्ता में आएगी सपा
आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के बारे में बात करते हुए, सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी हालत में सत्ता में आएगी, इसलिए वर्तमान मुख्यमंत्री ‘खुद ही हटा दिए जाएंगे।’ समाजवादी पार्टी के नेता की ये टिप्पणी उज्जैन में 253 एकड़ भूमि घोटाले और मोहन यादव और उनके परिवार के खिलाफ लगे आरोपों के बीच आई है।
IAS अधिकारी और सपा नेताओं के संबंधों को लेकर राजभर का बड़ा दावा
अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा नेता घबरा गए हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश के एक आईएएस अधिकारी के साथ पार्टी के संबंधों का आरोप लगाया। राजभर ने अखिलेश यादव और उनकी पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि आईएएस अधिकारी ने सपा नेताओं को राज्य में जमीन में भारी निवेश करने के लिए राजी किया। (UP Politics)
एक एक्स पोस्ट में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ने लिखा, “अखिलेश यादव जी, आप माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के बारे में इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं? इस शोर-शराबे से आप क्या छुपाना चाहते हैं? आप दुनिया को सिर्फ वही क्यों दिखाना चाहते हैं जो आप दिखाते हैं? अब मैं आपको बताता हूँ, आपको क्या तकलीफ है? आप इतने घबरा क्यों गए हैं?
आपके निवेश को कैसे नुकसान पहुँचा है, और आपने अपना धैर्य क्यों खो दिया है? तो पढ़िए! अखिलेश जी! मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस भरत यादव, जो राज्य सड़क विकास निगम के अध्यक्ष हैं, आपने उनसे अपने संबंध को छुपाया। अखिलेश जी, भरत यादव आपके ‘कुबेर’ चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। चंद्रपाल यादव सपा के एक प्रभावशाली नेता और पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे हैं। आशा है आपको कुछ याद आ रहा होगा।” (UP Politics)
‘गोमती रिवरफ्रंट के बाद MP एक्सप्रेसवे रिपोर्ट का डर’, राजभर का अखिलेश पर निशाना
राजभर ने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर मध्य प्रदेश में ‘जमीन हड़पने’ का भी आरोप लगाया। राजभर ने पोस्ट में आगे लिखा, “अखिलेश यादव जी, क्या आप माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नाम पर किए गए झूठे खुलासे से डर रहे हैं? मध्य प्रदेश में, भरत यादव ही तय करते हैं- या कम से कम जानते हैं— कि राजमार्ग का मार्ग कहाँ से होकर गुजरेगा। आपके अपने, आपके अपने, आपके खास लोग।
इस मामले में, अखिलेश जी, आपकी बेचैनी से पता चलता है कि भरत यादव ने आपको और आपके लोगों को वहाँ की जमीनों में भारी निवेश करने के लिए मजबूर कर दिया है। और जब जमीन ‘हड़पने’ की बात आती है, तो सैफई परिवार इसमें माहिर है। पूरा उत्तर प्रदेश यह जानता है। सैफई परिवार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में ठीक यही किया। फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का मार्ग मनमाने ढंग से मोड़ दिया गया।” (UP Politics)
राजभर ने जांच की मांग के साथ साधा निशाना
SBSP नेता ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से जुड़े मध्य प्रदेश में सफेदपोश निवेश की जांच की मांग की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, “निजी लाभ के लिए, मार्ग को अनावश्यक रूप से सैफई तक मोड़ दिया गया, जिससे एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किलोमीटर बढ़ गई। जमीनें कौड़ियों के भाव खरीदी गईं और भारी मुआवजा वसूला गया। एसपी के चमचों! गोमती नदी मोर्चे की रिपोर्ट जारी होने के बाद, अखिलेश डर गए हैं कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट भी कहीं प्रकाशित न हो जाए और उनका निवेश डूब जाए। जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं।” (UP Politics)









