Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश कॉन्ट्रैक्टुअल एंड आउटसोर्सिंग लेबर ऑनलाइन सिस्टम’ (UPCOS) पोर्टल लॉन्च करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि वर्तमान सरकार श्रमशक्ति के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Lucknow: योगी का पिछली सरकारों पर हमला, बोले- आउटसोर्स कर्मचारियों को राज्य की संपत्ति मानते हैं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों को निशाना बनाते हुए उन पर आउटसोर्स किए गए श्रमिकों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “2017 से पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ समझती थीं। इसीलिए उन्होंने जिन आउटसोर्स कंपनियों से काम करवाया था, वे उनके अपने पार्टी से जुड़े रिश्तेदारों की थीं। उन्होंने भर्ती और वर्दी के नाम पर श्रमिकों का शोषण किया। हमने उन्हें बोझ नहीं समझा। हमने उन्हें राज्य की संपत्ति समझा है।”
योगी बोले- स्थायी हों या आउटसोर्स, श्रमिकों के योगदान से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की विकास यात्रा सभी क्षेत्रों के श्रमिकों के योगदान से संभव हो पाई है, चाहे वे स्थायी हों या आउटसोर्स किए गए हों। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और उत्तर प्रदेश की जो प्रगति दिखाई दे रही है, वह कुछ लोगों की ताकत और समर्थन के कारण ही संभव हो पाई है, चाहे वे शहरी स्थानीय निकाय के सफाईकर्मी हों या विभिन्न स्थानों पर आवश्यक शासन प्रणालियों में विभिन्न क्षमताओं में काम करने वाले लोग हों, चाहे वे स्थायी हों या आउटसोर्स किए गए हों – यह उनके प्रयासों का ही परिणाम है।” (Lucknow)
‘सरकार और कर्मचारियों का रिश्ता भरोसे पर आधारित’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच संबंध महज लेन-देन का नहीं है। उन्होंने कहा, “सरकार और कर्मचारियों के बीच संबंध केवल वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि भरोसे पर आधारित है। इस भरोसे को बनाए रखने के लिए, हमारा मानना है कि कर्मचारी का समय केवल कागजी कार्रवाई में ही नहीं व्यतीत होना चाहिए। कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि उनके अच्छे काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, उनकी समस्याओं को सुनने की व्यवस्था है और वे अकेले नहीं हैं। उन्हें समय पर वेतन मिलना चाहिए, प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक मिलना चाहिए और श्रम का सम्मान किया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए आर्थिक असमानता को दूर करना आवश्यक है। (Lucknow)
आदित्यनाथ ने कहा कि नई प्रणाली बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म कर देगी और इसके बजाय सूचना प्रदान करने के लिए एक समर्पित पोर्टल होगा। उन्होंने कहा, “हमारा कर्मचारी अब अकेला नहीं रहेगा। जब किसी व्यक्ति को समय पर लाभ मिलता है, तो उसके घर में बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित हो जाती है, मां के लिए दवा की व्यवस्था हो जाती है, और परिवार को यह आश्वासन मिलता है कि उनकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। हम इस निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा प्रदान करने जा रहे हैं।”









