Lucknow: उत्तर प्रदेश की सियासत में आज जबरदस्त उबाल देखने को मिलेगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर विधानसभा के घेराव की रणनीति बनाई है। शहर के वीवीआईपी इलाकों में बैरिकेडिंग और वाटर कैनन के साथ भारी सुरक्षा बल तैनात है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता “न्याय दो” के नारों के साथ आगे बढ़ने पर अड़े हुए हैं।

मनरेगा मजदूरों की बकाया राशि पर सरकार से सवाल (Lucknow)
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में लाखों मनरेगा मजदूरों का महीनों का बकाया भुगतान नहीं किया गया है। “पसीना हमारा, पैसा तुम्हारा नहीं चलेगा” के नारों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता सरकार से जवाब मांग रहे हैं।
आपको बता दें, हालिया घटनाक्रमों में शंकराचार्य के प्रति हुई टिप्पणियों और व्यवहार को कांग्रेस ने ‘सनातन का अपमान’ करार दिया है। इसे लेकर साधु-संतों के समर्थन में कांग्रेस आज सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जता रही है। (Lucknow)
हजरतगंज से 1090 चौराहे तक: क्या बदलती है स्थिति प्रदर्शन के दौरान?
आपको बता दें, 1090 चौराहे से लेकर हजरतगंज तक पुलिस ने कड़ा घेरा बनाया है। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक की खबरें आ रही हैं। तो वहीं विधानसभा की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है।
कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बसों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है। खबर है कि कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद किया गया है, जबकि सड़कों पर निकले दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। (Lucknow)
कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सोई हुई सरकार को जगाने की कोशिश है। “जब तक मजदूरों को मजदूरी और आस्था को सम्मान नहीं मिलता, हमारा यह हल्लाबोल जारी रहेगा।”









