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Magh Mela 2026:मकर संक्रांति पर उमड़ेगा ‘आस्था का सागर’: 2 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए सजकर तैयार हुए 24 घाट, अभेद्य किले में तब्दील हुआ मेला क्षेत्र!

बात करेंगे उस शहर की जहाँ तीन नदियाँ मिलती हैं और करोड़ों लोगों की आस्था हिलोरें मारती है। प्रयागराज। मौका है मकर संक्रांति का, जिसे हम-आप ‘खिचड़ी’ भी कहते हैं। किस्सा ये है कि प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस बार संगम की रेती पर 2 करोड़ लोग डुबकी लगाएंगे। अब 2 करोड़ की संख्या छोटी नहीं होती। इतने लोगों को संभालने के लिए मेला प्रशासन ने जो ‘चक्रव्यूह’ रचा है, उसकी बारीकियां समझ लीजिए।

“तारीख नोट कर लीजिए- 14 जनवरी। जगह- प्रयागराज। वो संगम की रेती, जहाँ सुबह की पहली किरण के साथ ही हर-हर गंगे के उद्घोष से आसमान गूँज उठेगा। कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन संगम में डुबकी लगाने से सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि आत्मा का मैल भी धुल जाता है। लेकिन भाई साहब, इस बार की कहानी सिर्फ श्रद्धा की नहीं, मैनेजमेंट की भी है। कल्पना करिए, एक साथ 2 करोड़ लोग! यानी कि कई छोटे देशों की कुल आबादी से ज्यादा लोग एक दिन में पानी में उतरेंगे। प्रशासन के लिए यह कोई मामूली चुनौती नहीं, बल्कि ‘इम्तिहान-ए-आज़म’ है। 24 घाट सजा दिए गए हैं, जाल बिछ चुके हैं और ‘तंबू का शहर’ अपनी पूरी रफ़्तार में है। तो चलिए,विस्तार से बात करते हैं कि इस बार संगम किनारे चल क्या रहा है।”

किन-किन घाटों पर कर सकते हैं स्नान
अरैल क्षेत्र : पक्का घाट, अरैल, सेल्फी प्वाइंट, महाकाल आरती घाट, चक्रम माधव घाट, सोमेश्वर महादेव घाट
झूंसी क्षेत्र : संगम लोअर घाट, एरावत घाट, मोरी घाट, ओल्ड जीटी घाट, शिवाला घाट, दंडीबाड़ा घाट, आचार्यबाड़ा घाट, कल्पवासी घाट 
परेड संगम क्षेत्र : संगम नोज, संगम यमुनापट्टी घाट, गंगापट्टी घाट, महावीर घाट पश्चिमी, रामघाट, काली घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट पश्चिमी, दशाश्वमेध घाट, नागवासुकि घाट

24 घाटों का जाल: भीड़ के दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने इस बार संगम क्षेत्र के अलावा 24 विशेष स्नान घाट तैयार किए हैं। इन घाटों की लंबाई लगभग 5 से 6 किलोमीटर तक फैलाई गई है ताकि ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ और सुरक्षा बनी रहे।

सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा: मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी की 20 कंपनियां और एटीएस (ATS) के कमांडो तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए रीयल-टाइम कंट्रोल रूम से की जा रही है।

श्रद्धालुओं की भारी आमद: रेलवे और रोडवेज ने 200 से अधिक स्पेशल ट्रेनें और 1,500 अतिरिक्त बसें चलाई हैं। अनुमान है कि कल सुबह 4:00 बजे से शुरू होने वाले स्नान में 2 करोड़ से अधिक लोग पवित्र डुबकी लगाएंगे।

ठंड से राहत के इंतजाम: श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह अलाव जलाए गए हैं और रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रशासन ने घाटों पर ‘चेंजिंग रूम’ और पीने के गर्म पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।

जल पुलिस की मुस्तैदी: नदी में गहरे पानी की ओर जाने से रोकने के लिए जाल (Deep Water Barricading) लगाया गया है। जल पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें मोटर बोट के साथ निरंतर गश्त कर रही हैं।

“चलते-चलते एक बात और। प्रशासन ने तो इंतज़ाम कर दिए, लेकिन असली ज़िम्मेदारी आपकी और हमारी है। संगम को साफ रखना और नियमों का पालन करना ही सच्ची श्रद्धा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में 20% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो बताता है कि बदलती दुनिया में भी भारत की सनातनी जड़ें कितनी गहरी हैं। बाकी, ठंड बहुत है, तो अगर आप भी संगम जा रहे हैं, तो ऊनी कपड़े और भक्ति भाव साथ लेकर निकलिएगा।”

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