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खरगे के ‘बिगड़े बोल’ पर EC का हंटर: क्या ‘टैक्स टेररिज्म’ शब्द पड़ेगा भारी? जानें पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी!

Mallikarjun Kharge EC Notice 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने चुनावी समर में आग लगा दी है। दरअसल, 21 अप्रैल 2026 को चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जिसे लेकर अब चुनाव आयोग (EC) ने सख्त रुख अपना लिया है। यह पूरा विवाद एक शब्द से शुरू हुआ और अब माफीनामा तक पहुँच गया है।


विवाद की जड़: ‘आतंकवादी’ या ‘टैक्स टेररिज्म’?

मल्लिकार्जुन खरगे तमिलनाडु में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान, उन्होंने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

  • खरगे का बयान: उन्होंने ‘टैक्स टेररिज्म’ (Tax Terrorism) शब्द का इस्तेमाल किया।
  • बीजेपी का आरोप: बीजेपी नेताओं का कहना है कि खरगे ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी को ‘आतंकवादी’ कहा है।
  • सियासी घमासान: अमित शाह और निर्मला सीतारमण ने इसे देश के जनादेश का अपमान बताया है।

परिणामस्वरूप, चुनाव आयोग ने 22 अप्रैल को खरगे को नोटिस थमा दिया। यही नहीं, उन्हें जवाब देने के लिए मात्र 24 घंटे का समय दिया गया।



कांग्रेस का बचाव: ‘गलत तरीके से पेश की गई बात’

24 अप्रैल को बेंगलुरु में खरगे ने अपनी चुप्पी तोड़ी। दरअसल, उन्होंने साफ किया कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है।

  1. सफाई: खरगे ने कहा कि उनका इशारा एजेंसियों के जरिए बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ की तरफ था।
  2. समय की मांग: कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है।
  3. पक्षपात का आरोप: जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि आयोग विपक्ष के नेताओं पर जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखा रहा है।

यही वजह है कि कांग्रेस ने आयोग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। दरअसल, पार्टी का दावा है कि एक ही नंबर के दो अलग-अलग नोटिस जारी किए गए हैं।


क्या खरगे पर लगेगा बैन? आगे क्या होगा

अब सबकी नजरें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं। हालांकि, संभावना कई तरह की हैं:

  • प्रचार पर रोक: अगर जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो खरगे के प्रचार करने पर कुछ दिनों का बैन लग सकता है।
  • स्टार कैंपेनर: उन्हें स्टार कैंपेनर की लिस्ट से बाहर किया जा सकता है।
  • चेतावनी: आयोग केवल कड़ी चेतावनी देकर भी मामला खत्म कर सकता है।

दूसरी तरफ, बीजेपी इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़ी है। अंततः, इस विवाद ने विपक्षी एकजुटता को भी हवा दी है, जहाँ DMK और TMC खरगे के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं।



गरमाया चुनावी माहौल

आसान शब्दों में कहें तो, चुनाव के समय एक भी गलत शब्द भारी पड़ सकता है। दरअसल, खरगे के इस बयान ने बीजेपी को हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग का ‘हंटर’ किस हद तक चलता है। यही वजह है कि आने वाले 2-3 दिन कांग्रेस की रणनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

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