US Iran Ceasefire: ट्रंप क्या जंग में निकालेंगे न्यूक्लियर मिसाइल? जानें पत्रकार के सवाल पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

US Iran Ceasefire

US Iran Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 अप्रैल 2026 को स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ जारी तनाव या संघर्ष में वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हथियारों से ही ईरान को पूरी तरह से नष्ट किया जा सकता है, इसलिए परमाणु विकल्प की आवश्यकता नहीं है, लेकिन साथ ही जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जाएगा।

US Iran Ceasefire: पारंपरिक हथियारों से ‘निर्णायक कार्रवाई’ का दावा

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए, जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेंगे, तो ट्रंप ने कहा, ‘मैं परमाणु हथियार का इस्तेमाल क्यों करूंगा? हमने पारंपरिक तरीके से ही उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दिया है’। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु बम बनाने या रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना बिना परमाणु हथियारों के भी ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर सकती है।

इसके अलावा, ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘मैंने जेडी, मार्को, हॉवर्ड और स्कॉट को फोन किया और उनसे कहा कि मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है, लेकिन हमें थोड़ा सा रास्ता बदलना होगा। हमें ईरान जाकर यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास परमाणु हथियार न हों। बहुत सारे जहाज संयुक्त राज्य अमेरिका आ रहे हैं, और वे होर्मुज जलडमरूमध्य के बजाय संयुक्त राज्य अमेरिका का उपयोग कर रहे हैं। हमारे पास तेल की कमी नहीं है। हम इस समय सऊदी अरब और रूस दोनों के संयुक्त उत्पादन से अधिक तेल का उत्पादन कर रहे हैं। हम वेनेजुएला से लाखों बैरल तेल आयात कर रहे हैं।’ (US Iran Ceasefire)

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण

ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त राज्य अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है और वह जानबूझकर ईरान पर समझौता करने के लिए दबाव डालने के लिए इसे बंद रख रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह एक स्थायी समझौता चाहते हैं और महत्वपूर्ण प्रगति का दावा करने के बावजूद प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैंने उन्हें एक मौका दिया। मैं सबसे अच्छा सौदा करना चाहता हूँ। मैं अभी सौदा कर सकता हूँ। क्या आप जानते हैं कि अगर मैं अभी चला जाऊँ, तो हमें बहुत बड़ी सफलता मिलेगी। उन्हें दोबारा सब कुछ बनाने में 20 साल लग जाएँगे, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता। मैं इसे स्थायी बनाना चाहता हूँ। मैं अभी क्या कर रहा हूँ, यह मैं आपको नहीं बता सकता। मैं इसके लिए कोई समयसीमा नहीं देना चाहता, लेकिन यह बहुत जल्दी हो जाएगा। हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of hormuz) को खोल देंगे। अभी यह बंद है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण है।’ (US Iran Ceasefire)

उन्होंने आगे कहा, ‘वे इसे तीन दिन पहले ही खोल देते। वे हमारे पास आए और बोले, ‘हम जलडमरूमध्य खोलने के लिए सहमत हैं। मेरे सभी लोग खुश थे, सिवाय मेरे। मैंने कहा, ‘एक मिनट रुकिए, अगर हम जलडमरूमध्य खोलते हैं, तो इसका मतलब है कि वे प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर कमाएंगे। मैं नहीं चाहता कि जब तक वे इस मामले को सुलझा नहीं लेते, तब तक वे प्रतिदिन 500 मिलियन डॉलर कमाएं। इसलिए मैंने इसे बंद रखा। इस पर हमारा पूरा नियंत्रण है। यह तभी खुलेगा जब वे कोई समझौता करेंगे या कोई और सकारात्मक घटना घटेगी।’

तेल, अर्थव्यवस्था और वैश्विक शक्ति संतुलन

ट्रम्प ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं है, उनका दावा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका पहले ही अपने अधिकांश लक्ष्यों पर हमला कर चुका है और ईरान अपनी तेल स्थिति के कारण तत्काल दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई समझौता नहीं होता है तो आगे सैन्य कार्रवाई का विकल्प बना रहेगा, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका के अनुरोध के बाद ईरान कई महिलाओं की फांसी रोकने पर सहमत हो गया है। (US Iran Ceasefire)

ट्रंप ने कहा, ‘वियतनाम युद्ध कितने साल चला?… मैंने पहले चार हफ्तों में ही देश को सैन्य रूप से युद्ध से बाहर निकाल दिया। अब हम पीछे हटकर देख रहे हैं कि क्या समझौता होता है। अगर वे समझौता नहीं करना चाहते, तो मैं बाकी बचे 25% लक्ष्यों को भी सैन्य रूप से पूरा कर लूंगा। हमने अपने 78% लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।

हमने जो किया है वह अद्भुत है। आप जानते हैं कि समय का दबाव किस पर है? उन पर। अगर वे तेल का उत्पादन शुरू नहीं करते, तो उनका पूरा तेल ढांचा ध्वस्त हो जाएगा क्योंकि उनके पास इसे स्टोर करने की जगह नहीं है। क्योंकि उनके पास इसे स्टोर करने की जगह नहीं है, अगर उन्हें उत्पादन रोकना पड़ा, तो जमीन के नीचे कुछ ऐसा हो जाएगा, जिससे यह बहुत बुरी हालत में पहुंच जाएगा, और इससे उबरना कभी संभव नहीं होगा। उनके पास इस घटना के घटित होने से पहले कुछ ही दिन बचे हैं।’ (US Iran Ceasefire)

मानवाधिकार मुद्दों पर ट्रंप की दखल

राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा, ‘मुझ पर ज़रा भी दबाव नहीं है। हमारे जहाज़ पूरी तरह तैयार हैं और रवाना होने के लिए बेताब हैं। फिलहाल हालात बहुत अव्यवस्थित हैं। कल दोपहर 6 बजे 8 युवतियों को फांसी दी जानी थी। मैंने उनसे गुज़ारिश की, चाहे इसे एहसान समझो या सिर्फ़ एक नैतिक निवेदन, कि उन्हें फांसी न दी जाए। उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी। उनमें से 4 को बहुत जल्द रिहा किया जा रहा है, और 4 को एक महीने के लिए जेल में रखा जाएगा और फिर रिहा किया जाएगा। इसलिए उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी।’

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान को हिजबुल्लाह को दी जाने वाली फंडिंग बंद करनी होगी, तो उन्होंने कहा, “हां, उन्हें फंडिंग बंद करनी ही होगी। यह अनिवार्य है।” (US Iran Ceasefire)


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