दिल्ली में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन सहित कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया।
“कोलकाता में ED की छापेमारी की गूँज देश की राजधानी दिल्ली में सुनाई दी, जहाँ तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने सीधे गृह मंत्रालय की चौखट पर दस्तक देकर सरकार को चुनौती दी। सड़कों पर महुआ मोइत्रा और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई धक्का-मुक्की और डेरेक ओ’ब्रायन की गिरफ्तारी ने इस सियासी लड़ाई को और भी तीखा बना दिया है। ममता बनर्जी का आरोप है कि केंद्र उनकी पार्टी की ‘चुनावी रणनीति’ और ‘कैंडिडेट लिस्ट’ चुराने की कोशिश कर रहा है। क्या यह महज एक विरोध प्रदर्शन है या 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले की सबसे बड़ी सियासी भिड़ंत? आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।”

इस पूरे मुद्दे पर क्या बोले टीएमसी सासंद
दरअसल, TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आज़ाद और अन्य ने दिल्ली में अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और मंत्री के खिलाफ नारे लगाए। जैसे ही विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, , दिल्ली पुलिस ने डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा और अन्य को हिरासत में ले लिया और उन्हें उठाकर पुलिस वैन में ले गए। इस महुआ मोइत्रा ने कहा कि हम बीजेपी को हराएंगे। देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है। वहीं, TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि ED ने गलत तरीके से रेड की, और यह अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश है। बीजेपी इस तरह से चुनाव नहीं जीतेगी।
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ED की रेड का विरोध करते हुए TMC सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि केंद्र चुनाव जीतने के लिए अपनी जांच एजेंसियों को भेजता है। उन्होंने कहा कि कल ED की टीम भेजी, और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है। वे चुनाव जीतने के लिए ED, CBI की टीमें भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीतेंगे। बता दें कि यह घटना तब हुई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस में ED की रेड के दौरान दखल दिया।
टीएमसी सांसद के विरोध की वजह

I-PAC पर ED की छापेमारी
विवाद की शुरुआत तब हुई जब 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में राजनीतिक सलाहकार संस्था I-PAC के दफ्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन (Prateek Jain) के आवास पर छापा मारा। ममता बनर्जी (Mamta) ने खुद छापेमारी वाली जगह पहुँचकर आरोप लगाया कि ED उनकी पार्टी की हार्ड डिस्क, रणनीतिक दस्तावेज और संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट जब्त करने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत
कोलकाता की घटना के विरोध में आज (9 जनवरी) महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन, साकेत गोखले और कीर्ति आजाद सहित TMC के 8 सांसद दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
- महुआ मोइत्रा: उन्हें महिला पुलिस कर्मियों द्वारा उठाकर वैन में ले जाया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
- डेरेक ओ’ब्रायन: उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है।
- सभी सांसदों को फिलहाल पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले जाया गया है।

ममता बनर्जी का तीखा हमला
ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताते हुए कहा, “क्या अमित शाह का काम अब विपक्षी दलों की रणनीति चुराना रह गया है? वे बंगाल को लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीत सकते, इसलिए एजेंसियों का सहारा ले रहे हैं।” वहीं बीजेपी ने इसे जांच में बाधा डालने की कोशिश बताया है।
बंगाल चुनाव 2026 का कनेक्शन
यह पूरा ड्रामा पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रहा है। TMC का दावा है कि I-PAC उनकी आईटी सेल और चुनाव प्रबंधन देख रही है, इसलिए उसे निशाना बनाकर बीजेपी उन्हें कमजोर करना चाहती है।









