Nasrapur Rape-Murder Case: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुणे जिले के नसरापुर में तीन साल की बच्ची के साथ हुए बर्बर बलात्कार और हत्या मामले में विशेष अदालत द्वारा अपराधी को फांसी की सजा दिए जाने के ऐतिहासिक फैसले की सराहना की है। उन्होंने इस फैसले को एक बेंचमार्क वर्डिक्ट बताया, जिससे अपराधियों के मन में कानून का डर बैठेगा और भविष्य में कोई ऐसा जघन्य अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
Nasrapur Rape-Murder Case: अपराधियों के लिए सख्त संदेश देने वाला फैसला
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, “मैं अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा के लिए आभारी हूं। एक छोटी बच्ची की हत्या कर दी गई थी। यह फैसला एक मिसाल कायम करने वाला फैसला है। पुलिस ने भी त्वरित जांच की।” उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले में अपनी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत भागीदारी पर जोर दिया।
जांच प्रक्रिया के संबंध में एकनाथ शिंदे ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वयं मामले की जानकारी ले रहे थे। मैंने इस मामले पर दिन-रात काम किया। मैं पुलिस के संपर्क में था। इसीलिए मामला तेजी से आगे बढ़ा और आरोपी को सजा सुनाई गई।” उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में सहयोग करने वालों का धन्यवाद। सभी का यही मत था कि इस कृत्य को अंजाम देने वाले को फांसी दी जानी चाहिए। इसके अलावा, लड़की के परिवार की भी यही मांग थी। (Nasrapur Rape-Murder Case)
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सरकार की भूमिका
उपमुख्यमंत्री ने इस बात की पुष्टि की कि परिवारों को न्याय दिलाने के लिए ऐसे परिणाम आवश्यक हैं। एकनाथ शिंदे ने कहा, “मैंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, ऐसे मामलों में अन्य लड़कियों को भी न्याय मिलना चाहिए। इस मामले में अदालत ने तीनों मामलों, यानी पीओसीएसओ, बलात्कार और हत्या में सही फैसला दिया है। मैं पुलिस और अदालत का आभारी हूं।”
55 दिनों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
यह घटना 1 मई 2026 को पुणे के भोर तालुका स्थित नसरापुर गांव में हुई थी। पुलिस की चुस्त जांच और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की दैनिक सुनवाई के चलते महज 55-56 दिनों के अंदर आज यानी 29 जून 2026 को कोर्ट ने अंतिम सजा का एलान कर दिया। विशेष न्यायाधीश एस. आर. साळुंके की अदालत ने 65 वर्षीय दोषी भीमराव प्रभाकर कांबळे को इस वहशियाना हरकत के लिए फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में रखा। (Nasrapur Rape-Murder Case)
पुलिस की त्वरित जांच और 1200 पन्नों की चार्जशीट
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जांच टीम (पुणे ग्रामीण पुलिस) को बधाई दी, जिसने घटना के मात्र 14-15 दिनों के भीतर 1200 पन्नों की पुख्ता चार्जशीट अदालत में पेश की। शिंदे ने कहा कि ऐसे ‘दरिंदों’ को समाज में रहने या जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के कड़े फैसलों से समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
अन्य गंभीर मामलों में भी सख्त कार्रवाई का भरोसा
इस फैसले का स्वागत करते हुए शिंदे ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार केतन अग्रवाल जैसे अन्य गंभीर हत्याकांड और बलात्कार के मामलों को भी फास्ट-ट्रैक पर चलाकर दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाएगी। इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने पैरवी की थी और अदालत के सामने सुप्रीम कोर्ट के 12 ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए मृत्युदंड की पुरजोर मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। (Nasrapur Rape-Murder Case)









