Pappu Yadav Arrest: पूर्णिया के कद्दावर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, जो खुद को जनता का मसीहा कहते नहीं थकते थे, आज कानून के फौलादी शिकंजे में जकड़े जा चुके हैं। पटना पुलिस ने भारी दलबल के साथ आधी रात को उनके आवास पर धावा बोला और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
यह गिरफ्तारी किसी मामूली मामले में नहीं, बल्कि पूरे 31 साल पुराने एक केस में हुई है। आरोप ऐसा जिसे सुनकर जनता हैरान है—सांसद जी पर आरोप है कि उन्होंने एक घर को किराए पर लिया और फिर उस पर कब्जा कर लिया। दशकों तक कोर्ट के आदेशों को ठेंगे पर रखने का सिलसिला आज खत्म हुआ। जब कोर्ट का वारंट निकला, तो न सत्ता की हनक काम आई और न ही रसूख। यह उन सभी के लिए एक बड़ा संदेश है जो समझते हैं कि वे संविधान और कानून से ऊपर हैं। (Pappu Yadav Arrest)
Pappu Yadav Arrest: बिहार में सियासी हड़कंप, समर्थकों की सांसें अटकीं!
जैसे ही पप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर फैली, बिहार की सियासत में मानों भूकंप आ गया। पटना से लेकर पूर्णिया तक समर्थकों का हुजूम सड़कों पर उतर आया है। समर्थकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, उनके चेहरों पर परेशानी और आंखों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। पुलिस छावनी में तब्दील पटना की सड़कों पर तनाव का माहौल है। (Pappu Yadav Arrest)
यह गिरफ्तारी देश के उन तमाम सफेदपोशों के लिए चेतावनी है जो अदालती नोटिसों को नजरअंदाज करते हैं। आज पप्पू यादव के साथ जो हुआ, वह दिखाता है कि कानून की लाठी भले ही देर से चले, लेकिन जब चलती है तो अच्छे-अच्छों का सिंहासन डोल जाता है।









