Parliament Winter Session: समाजवादी पार्टी के नेता और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने मंगलवार को संसद में उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौतों पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र से बूथ लेवल अधिकारियों के परिवारों को वित्तीय और संस्थागत सहायता देने का आग्रह किया।
Parliament Winter Session: इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली पर सवाल
सपा नेता ने चुनावों में मतपत्रों के इस्तेमाल की अपनी पार्टी की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी दोहराया और तर्क दिया कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली के बारे में अनेक प्रश्न उठते रहते हैं।
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान सपा प्रमुख ने कहा कि अभी तक राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान 10 बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं। हम मांग करते हैं कि मृतक बीएलओ के परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए और मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
अखिलेश ने मतपत्रों को दोबारा लागू करने की अपनी पार्टी की मांग को भी दोहराया और कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रौद्योगिकियों को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव मतपत्रों के माध्यम से कराए जाने चाहिए क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। (Parliament Winter Session)
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का चुनाव आयोग पर हमला
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी निष्पक्षता और मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाया। संसद के निचले सदन को संबोधित करते हुए तिवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यहां कई सदस्यों को भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पड़ रहे हैं। (Parliament Winter Session)
तिवारी ने सुझाव दिया कि पहला सुधार चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन से संबंधित कानून में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहला सुधार जो होना चाहिए, वह है चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन से संबंधित कानून में संशोधन। मेरा सुझाव है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग की समिति में शामिल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने विभिन्न राज्यों में चल रही व्यवस्थित आंतरिक सुधार (SIR) प्रक्रिया की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में एसआईआर चल रहा है, लेकिन भारत के चुनाव आयोग के पास एसआईआर आयोजित करने का कोई कानूनी औचित्य नहीं है। उन्होंने ऐसे सुधारों को लागू करने के लिए आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया। (Parliament Winter Session)
विभिन्न राज्यों में SIR प्रक्रिया
संसद के निचले सदन ने चुनाव सुधारों पर चर्चा शुरू कर दी है, जिसमें विभिन्न राज्यों में ECI द्वारा शुरू की गई SIR प्रक्रिया भी शामिल है। इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के SIR का दूसरा चरण आयोजित करेगा, जिसकी अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।
एसआईआर का पहला चरण बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर में पूरा हुआ था। इस अभ्यास में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। (Parliament Winter Session)









