नई दिल्ली: Pawan Khera House Raid: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान (9 अप्रैल) से ठीक 48 घंटे पहले देश की राजधानी में एक बड़ी राजनीतिक हलचल हुई है। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित कांग्रेस के दिग्गज नेता पवन खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की टीम ने अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई उस समय हुई जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। पुलिस ने घंटों तक खेड़ा के घर की तलाशी ली और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस व ‘संदिग्ध सामग्री’ जब्त की है। हालांकि, छापेमारी के दौरान पवन खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे, जिसे लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुटकी लेते हुए कहा कि “वे गुवाहाटी से हैदराबाद भाग गए हैं।” इस कार्रवाई ने दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक के सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है।
विवाद की जड़: 3 देश, 3 पासपोर्ट और ₹52,000 करोड़ का आरोप
इस पूरी कानूनी कार्रवाई की नींव पवन खेड़ा द्वारा हाल ही में किए गए एक सनसनीखेज खुलासे पर टिकी है। खेड़ा ने दावा किया है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा के पास भारत के अलावा UAE (संयुक्त अरब अमीरात), मिस्र और एंटीगुआ जैसे देशों के विदेशी पासपोर्ट हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रिनिकी सरमा अमेरिका के वाइओमिंग (Wyoming) में एक ऐसी कंपनी से जुड़ी हैं जिसकी वैल्यू 34.67 बिलियन डॉलर (करीब 2.9 लाख करोड़ रुपये) है और उनके परिवार के बीच ₹52,000 करोड़ के फंड बंटवारे की योजना है। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में इन विदेशी संपत्तियों की जानकारी छिपाई है। Pawan Khera House Raid
मल्लिकार्जुन खड़गे की हुंकार और ‘पाकिस्तानी’ एंगल का पलटवार
गुवाहाटी में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गिरफ्तार? हमने ऐसे बहुत देखे हैं! हम डरने वाले नहीं हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से इन पासपोर्ट आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को ‘फेब्रिकेटेड’ (गढ़ा हुआ) और चुनाव को प्रभावित करने वाली साजिश बताया है। सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही है, वे ‘Pakistanis in Ajman’ नामक एक फेसबुक ग्रुप से लिए गए हैं, जो इस पूरे मामले में एक विदेशी और ‘पाकिस्तानी’ साजिश की ओर इशारा करता है। रिनिकी भुइयां सरमा ने इस मामले में मानहानि की FIR भी दर्ज कराई है। Pawan Khera House Raid
9 अप्रैल की वोटिंग और ‘पासपोर्ट कांड’ का असर
जैसे-जैसे 9 अप्रैल की तारीख नजदीक आ रही है, असम की राजनीति का केंद्र विकास और मुद्दों से हटकर इस ‘पासपोर्ट कांड’ पर टिक गया है। कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और गोपनीयता का मामला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे विदेशी साजिश और मानहानि का मुद्दा बनाकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश में है। अब देखना यह होगा कि 17.4 करोड़ मतदाताओं के इस चुनाव में, यह छापेमारी और पासपोर्ट विवाद असम की सत्ता की चाबी किसके हाथ में सौंपता है। Pawan Khera House Raid









