PM Modi Putin Meeting: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात हुई है। 31 अगस्त 2026 को हुई इस रणनीतिक बैठक में दोनों वैश्विक नेताओं ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाया और दोनों देशों के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच हुई इस 50 मिनट की लंबी मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं। जानकारी के मुताबिक, इस रणनीतिक बातचीत में भारत और रूस के बीच डिफेंस कोऑपरेशन, एनर्जी सप्लाई, ट्रेड, फर्टिलाइजर शिपमेंट और यूक्रेन-मिडिल ईस्ट संकट जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का पुराना और स्पष्ट रुख दोहराया।

PM Modi Putin Meeting: यूक्रेन युद्ध के अंत की जरूरत पर PM मोदी का जोर
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से सीधे शब्दों में कहा, “युद्ध का हर एक दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की ओर बढ़ाया गया हर कदम मानवता को नई उम्मीद और उत्साह से भर देता है। हमें अब इस अंतहीन युद्ध से हटकर ‘युद्ध के अंत’ की ओर बढ़ना होगा। मानवता के कल्याण के लिए यह बेहद जरूरी है।” पीएम मोदी ने साफ किया कि भारत यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए किए जा रहे सभी शांतिपूर्ण और कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई इस 50 मिनट की वार्ता में दोनों देशों ने अपनी ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने का संकल्प लिया। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग लगातार बेहतर हो रहा है और ट्रेड टर्नओवर में 2% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुतिन ने भारत-रूस के मजबूत होते आर्थिक रिश्तों का श्रेय पीएम मोदी के व्यक्तिगत ध्यान को दिया। (PM Modi Putin Meeting)
मोदी-पुतिन मुलाकात में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर बड़ा फोकस
मिडिल ईस्ट (विशेषकर ईरान-इजरायल तनाव) के कारण वैश्विक तेल बाजारों में पैदा हुई अस्थिरता के बीच दोनों नेताओं ने भारत की ऊर्जा रणनीति और कच्चे तेल की निर्बाध सप्लाई पर चर्चा की। भारतीय किसानों के लिए बेहद जरूरी फर्टिलाइजर शिपमेंट को बिना किसी रुकावट के जारी रखने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा, दोनों देशों ने अपने पारंपरिक सैन्य संबंधों की समीक्षा की। बैठक में सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम (S-400) जैसी महत्वपूर्ण डिफेंस डील और सैन्य उपकरणों की समय पर डिलीवरी को लेकर बातचीत हुई।पुतिन ने बताया कि दोनों देशों के बीच पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और साल 2025-2026 में इसमें 16% तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
आगामी BRICS समिट के लिए पुतिन को न्योता
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भारत में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। पीएम मोदी ने कहा कि पुतिन के भारत आगमन से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध एक नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। पुतिन ने इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए भारत आने की अपनी योजना की पुष्टि की। (PM Modi Putin Meeting)
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और भारत पर भी रूसी तेल खरीदने को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद, बिश्केक में हुई इस बैठक ने साफ कर दिया कि भारत अपनी स्वायत्त विदेश नीति पर कायम है। पूर्व राजनयिकों के अनुसार, भारत-रूस के संबंध किसी तीसरे देश (जैसे अमेरिका) के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि यह भारत के अपने राष्ट्रीय हितों और वैश्विक स्थिरता को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं।
वहीं, बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति के साथ इस सफल बातचीत से पहले पीएम मोदी ने SCO समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान से भी द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। (PM Modi Putin Meeting)









