वाराणसी/लखनऊ: PM Modi Varanasi Visit: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से उठी आवाज़ अब केवल ‘हर-हर महादेव’ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूंज सीधे पश्चिम बंगाल के बैलेट बॉक्स तक पहुँचाने की तैयारी है। 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में कदम रखा, जिसे केवल एक “सरकारी दौरा” समझना राजनीतिक भूल होगी। 6,300 करोड़ रुपये की 163 परियोजनाओं का लोकार्पण और ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में उमड़ी 50,000 महिलाओं की भीड़, भाजपा की उस सोची-समझी ‘ग्रैंड स्ट्रैटेजी’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 29 अप्रैल को बंगाल में होने वाले मतदान और 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव, दोनों को साधना है।
‘साइलेंट स्ट्रैटेजिक वेपन’: ममता के दुर्ग में सेंध लगाने की तैयारी
वाराणसी के बरेका मैदान में आयोजित महिला सम्मेलन इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा ने खुद को ‘महिला सशक्तिकरण’ के सबसे बड़े वैश्विक चैंपियन के रूप में पेश किया है। रोचक बात यह है कि बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी की सबसे बड़ी ताकत महिला वोटर रही हैं। ऐसे में मतदान से ठीक 24 घंटे पहले काशी से महिलाओं को संबोधित करना, बंगाल की ‘महिला ब्रिगेड’ को यह संदेश देना है कि केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा का यह ‘जेंडर पॉलिटिक्स’ कार्ड जातीय सीमाओं को तोड़कर एक नया और वफादार वोट बैंक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। PM Modi Varanasi Visit
विकास का ‘पॉलिटिकल इन्वेस्टमेंट’: आजमगढ़ से अयोध्या तक कनेक्टिविटी
6,300 करोड़ रुपये के ये प्रोजेक्ट्स केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि भाजपा का ‘लॉन्ग टर्म पॉलिटिकल इन्वेस्टमेंट’ हैं। वाराणसी-आजमगढ़ फोर-लेन विस्तार और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं सीधे तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल रही हैं। आजमगढ़ जैसे क्षेत्रों में विकास की पहुँच विपक्ष के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाने की कोशिश है। इसके अलावा, वाराणसी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए शुरू होने वाली ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ उत्तर और पश्चिम भारत के बीच एक नया आर्थिक और सांस्कृतिक पुल बनाएगी। यह भाजपा का वही सफल मॉडल है जहाँ ‘आस्था और अर्थव्यवस्था’ को एक साथ जोड़कर मिडिल क्लास और व्यापारिक वर्ग को साधा जाता है। PM Modi Varanasi Visit
2027 का रोडमैप और विपक्ष की चुनौती
प्रधानमंत्री का यह दौरा 2027 के यूपी चुनाव के लिए एक स्पष्ट सियासी ब्लूप्रिंट पेश करता है। जहाँ विपक्ष ‘जाति जनगणना’ और ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर भाजपा को घेर रहा है, वहीं भाजपा ने ‘विकास + महिला शक्ति’ का अपना परखा हुआ फॉर्मूला आगे कर दिया है। हालांकि, विपक्ष इसे ‘इवेंट मैनेजमेंट’ बताकर सवाल उठा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि काशी से निकलने वाली विकास की ये तस्वीरें सोशल मीडिया के जरिए बंगाल के हर घर तक पहुँच रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल का वोटर ‘बंगाली अस्मिता’ को चुनता है या मोदी के इस ‘विकास और महिला शक्ति’ के कॉम्बिनेशन को। PM Modi Varanasi Visit









