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PMO New Address: PMO का नया एड्रेस, नया नाम: ‘साउथ ब्लॉक’ छोड़ अब ‘सेवा तीर्थ’ से देश चलाएंगे पीएम मोदी! जानिए नए दफ्तर में क्या है खास?

भारत की सत्ता का केंद्र अब साउथ ब्लॉक से निकलकर एक नए और भव्य परिसर में शिफ्ट हो गया है। 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर दिया है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने इस परिसर का नाम और पता पूरी तरह बदल गया है।

“आजाद भारत के इतिहास में आज एक युग का अंत और एक नए अध्याय का आरंभ हुआ है। 1947 से जिस ‘साउथ ब्लॉक’ (South Block) की दीवारों ने भारत के निर्माण की गवाहियां दी थीं, आज वहां सन्नाटा है, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब अपने नए और आधुनिक ठिकाने सेवा तीर्थ’ Sewa Teerth) में शिफ्ट हो चुका है। रायसीना हिल्स (Raisina Hills) के पास करीब 1,189 करोड़ की लागत से बना यह परिसर केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि ‘सत्ता से सेवा’ की ओर बढ़ते भारत का नया प्रतीक है। हाई-टेक सुरक्षा, बुलेटप्रूफ कांच और ‘इंडिया हाउस’ जैसी भव्यताओं से लैस यह नया दफ्तर कैसा दिखता है? और क्यों इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ (Excutive Enclave) से बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया? आइए जानते हैं इस नए पावर सेंटर की हर वो बात जो आपको हैरान कर देगी।”

सेवा तीर्थ में क्या है खास

सेवा तीर्थ को शुरू से ही एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा वास्तुकला के साथ बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह इमारत भूकंप प्रतिरोधी है और सभी परिस्थितियों में चालू रहने के लिए डिज़ाइन की गई है। एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त सुविधा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर के भीतर ‘इंडिया हाउस’ के नाम से जानी जाने वाली एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस सुविधा है। इसे उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और प्रेस बातचीत के लिए डिज़ाइन किया गया है। PMO के भीतर पहले ऐसी कोई समर्पित जगह नहीं थी, जिसके लिए अलग-अलग जगहों पर कई व्यवस्थाएं करनी पड़ती थीं।

 तीन मुख्य ब्लॉक: सेवा तीर्थ परिसर में तीन अलग-अलग इमारतें हैं:

  • सेवा तीर्थ-1: इसमें प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यालय (PMO) है।
  • सेवा तीर्थ-2: यहाँ ‘कैबिनेट सचिवालय’ शिफ्ट हुआ है।
  • सेवा तीर्थ-3: यह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय’ (NSCS) और एनएसए अजीत डोभाल का नया पता है।

इंडिया हाउस (India House): इस परिसर के भीतर ‘इंडिया हाउस’ नाम की एक विशेष इमारत बनाई गई है, जिसका उपयोग विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वीवीआईपी मेहमानों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों और भोज के लिए किया जाएगा।

पुराने दफ्तर का क्या होगा?

साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक ( South and North Block) की इमारतों को खाली करने के बाद इन्हें ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ (एक भव्य नेशनल म्यूजियम) में बदल दिया जाएगा, जिसके लिए फ्रांस की एजेंसी के साथ तकनीकी समझौता किया गया है।

सेवा तीर्थ में कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय

सेवा तीर्थ सिर्फ PMO का नया पता नहीं है। यह शासन के उच्चतम केंद्रों को एक ही परिसर में एक साथ लाता है। सेवा तीर्थ वन में PMO, सेवा तीर्थ टू में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ थ्री में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय है। पुरानी प्रणाली में, ये संस्थान अलग-अलग जगहों से काम करते थे, जिससे अक्सर संवेदनशील मामलों पर समन्वय धीमा हो जाता था। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बना सेवा तीर्थ यह दिखाता है कि शासन सिर्फ़ जगहें नहीं बदल रहा है, बल्कि यह भी तय कर रहा है कि सत्ता का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा।

“पीएमओ का साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में जाना केवल एक पते का बदलाव नहीं है, बल्कि यह औपनिवेशिक विरासत (Colonial Legacy) को पीछे छोड़कर आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत की पहचान गढ़ने की कोशिश है। ‘कर्तव्य पथ’ के पास स्थित यह नया कार्यालय अब अगले कई दशकों तक भारत की नीति और नियति तय करने का मुख्य केंद्र होगा।”

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