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PMO Office Address: पीएम मोदी के कार्यालय का बदलने वाला है एड्रेस, जानिए क्या है PMO का नया पता और क्या है खास

भारत के कूटनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर आ रही है। आजादी के बाद से जिस साउथ ब्लॉक (South Block) को सत्ता का सबसे शक्तिशाली केंद्र माना जाता था, अब वह इतिहास बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय (PMO) अब अपनी नई और आधुनिक मंजिल पर शिफ्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

“सत्ता का केंद्र अब केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि ‘सेवा’ का मंदिर कहलाएगा। दिल्ली के लुटियंस जोन में पिछले कई दशकों से देश की किस्मत लिखने वाला साउथ ब्लॉक अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की यादों का हिस्सा बनने जा रहा है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत रायसीना हिल (Raisina Hill) के पास एक आलीशान और अत्याधुनिक कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार है, जिसे ‘सेवा तीर्थ’ (Seva Teerth) का नाम दिया गया है। 14 जनवरी 2026, यानी मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पीएम मोदी अपनी टीम के साथ इस नए पते पर कदम रख सकते हैं। यह बदलाव केवल ईंट-पत्थरों का नहीं, बल्कि औपनिवेशिक विरासत को पीछे छोड़ आधुनिक और समर्थ भारत की नई पहचान की ओर एक बड़ा कदम है।”

पीएम के नए कार्यालय में और क्या-क्या होगा

दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को सेवा तीर्थ परिसर विजय चौक के नजदीक रायसीना हिल के नीचे बनाया गया है। इसमें तीन हाई टेक इमारतें हैं, जिन्हें सेवा तीर्थ 1, सेवा तीर्थ 2 और सेवा तीर्थ 3 का नाम दिया गया है।

कॉम्प्लेक्स की संरचना: इस परिसर में तीन मुख्य इमारतें हैं।

  1. सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
  2. सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat)
  3. सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

इसे सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाया गया है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एनक्लेव पहले ही तैयार हो चुका है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के तहत मंत्रालयों के लिए आठ नए कर्तव्य भवन बनने हैं जिनमें से तीन तैयार हो चुके हैं और कई मंत्रालय उनमें शिफ्ट भी हो चुके हैं। वहीं, संभावना है कि इस महीने पीएमओ ऑफिस में यहीं शिफ्ट हो जाएगा।

दिसंबर के महीने में बदला गया था नाम

बता दें कि नए पीएमओ को पहले एक्जीक्यूटिव एनक्लेव नाम दिया गया, लेकिन दिसंबर में सरकारी सूत्रों ने जानकारी दी थी कि इसका नाम सेवा तीर्थ परिसर रखा जा रहा है। उसी समय से देशभर के राजभवनों का नाम बदल कर लोक भवन करने का फैसला लिया गया था। सेवा तीर्थ के ठीक बगल में ही प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी हो रहा है। इसके बन जाने के बाद प्रधानमंत्री निवास सात लोक कल्याण मार्ग से शिफ्ट हो कर सेवा तीर्थ के साथ ही हो जाएगा।

रेस कोर्स रोड कैसे बना पीएम आवास

दरअसल, साल 1940 में इस इलाके में दिल्ली रेस क्लब का रेस कोर्स हुआ करता था, जहां घुड़दौड़ होती थी। इसी वजह से सड़क का नाम रेस कोर्स रोड पड़ा। 1980 के दशक में लुटियंस दिल्ली में पांच बंगले बनाए गए, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास के रूप में विकसित किया गया. साल 1984 में राजीव गांधी पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने 7 रेस कोर्स रोड को स्थायी निवास के तौर पर अपनाया।

7 रेस कोर्स रोड को पीएम आवास के रूप में कब मिली पहचान

राजीव गांधी के बाद प्रधानमंत्री बने वी.पी. सिंह ने 1990 में 7 रेस कोर्स रोड को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास घोषित किया। इसके बाद से यह जगह प्रधानमंत्री आवास के तौर पर स्थायी बन गई. आगे चलकर अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और अब नरेंद्र मोदी इसी परिसर में रह रहे हैं। लेकिन इसका नाम बदल कर 7 लोक कल्याण भवन कर दिया गया था। हालांकि अब एक बार फिर से पीएम आवास का पता बदलने जा रहा है।

“पीएम मोदी का यह नया दफ्तर केवल सुविधाओं के मामले में ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और तकनीक के लिहाज से भी दुनिया के सबसे सुरक्षित कार्यालयों में से एक होगा। ‘सेवा तीर्थ’ के पास ही प्रधानमंत्री का नया आधिकारिक आवास भी निर्माणाधीन है, जो आने वाले समय में आवाजाही और सुरक्षा के प्रोटोकॉल को और भी सरल बना देगा। साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक सीढ़ियों से विदा लेकर ‘सेवा तीर्थ’ की आधुनिक दहलीज पर कदम रखना, ‘नए भारत’ के उस विजन को दर्शाता है जहाँ सरकार का हर फैसला ‘सेवा’ और ‘कर्तव्य’ की भावना से प्रेरित है। अब देखना यह है कि इस नए पते से देश की प्रगति को कौन सी नई रफ्तार मिलती है।”

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