Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के ऐतिहासिक और चर्चित कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर ‘कृष्णपुरी’ करने का ऐलान किया है। सीएम योगी ने यह महत्वपूर्ण घोषणा गुरुवार को प्रयागराज दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए की।
यह वही इलाका है जिसे कभी कुख्यात माफिया और दिवंगत गैंगस्टर अतीक अहमद का अभेद्य गढ़ माना जाता था। सरकार के इस कदम को न केवल क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक पुनरुत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है, बल्कि इसे यूपी में अपराधियों और माफिया राज के अंत के एक मजबूत प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है।
Prayagraj News: माफिया राज के अंत की नई कहानी- अतीक के गढ़ ‘कसारी-मसारी’ का नाम अब हुआ ‘कृष्णपुरी
इस नाम को बदलने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से कर रहे थे। हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री और शहर पश्चिमी के भाजपा विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस इलाके का नाम बदलने की पुरजोर अपील की थी। सिद्धार्थनाथ सिंह का तर्क था कि ‘कसारी-मसारी’ नाम सुनने में ऐसा प्रतीत होता है जैसे यह कोई कसाइयों का इलाका हो।
उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस विस्तृत क्षेत्र के भीतर पहले से ही ‘नंद सेक्टर’, ‘गोवर्धन सेक्टर’ और ‘यमुना कुंज’ जैसी सनातन संस्कृति को दर्शाने वाली आवासीय कॉलोनियां बसी हुई हैं। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र का नाम भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर ‘कृष्णपुरी’ रखना बेहद न्यायसंगत होगा। सीएम योगी ने इस मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए सार्वजनिक मंच से इसके आधिकारिक बदलाव का बिगुल फूंक दिया। (Prayagraj News)
माफिया की कब्जाई ज़मीन पर गरीबों का आशियाना: पद्मलोक आवास योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रयागराज दौरा केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उनके ‘जीरो टॉलरेंस’ मॉडल का एक जीवंत उदाहरण था। सीएम ने कसारी-मसारी (अब कृष्णपुरी) में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई लगभग 15 बीघा सरकारी जमीन पर ‘पद्मलोक आवास योजना’ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया।
कभी इस कीमती जमीन पर अतीक अहमद का अवैध अस्तबल हुआ करता था और यह अपराधियों की अय्याशी का केंद्र था। योगी सरकार ने इस भव्य आवासीय परियोजना के जरिए माफिया की छाती पर गरीबों के लिए छत तैयार करने का संकल्प लिया है।
प्रस्तावित पद्मलोक अपार्टमेंट की विशेषताएं
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) इस परियोजना के तहत 602 फ्लैट्स का निर्माण कराएगा। यह पूरी आवासीय योजना एक अत्याधुनिक 14 मंजिला भव्य बिल्डिंग के रूप में आकार लेगी। सभी आशियाने 2BHK (दो बेडरूम, एक हॉल और किचन) होंगे, जिनका क्षेत्रफल 56.45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।
इस नई टाउनशिप में केवल घर ही नहीं होंगे, बल्कि निवासियों के लिए स्विमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (बाजार), ओपन जिम, सोलर पावर सिस्टम, पार्किंग और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सीएम ने बताया कि जहां कभी लोग कदम रखने से डरते थे, आज वहां सरकार ने 14 मीटर चौड़ी शानदार सड़क का निर्माण करा दिया है। (Prayagraj News)
“माफिया की जगह अब मिट्टी में है”- सीएम योगी की हुंकार
भूमि पूजन के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कड़े तेवरों में नजर आए। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम लेते हुए उन्होंने पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा किया। सीएम ने कहा, “याद करिए वो दौर, जब प्रयागराज में ये माफिया जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वो उनकी हो जाती थी और तत्कालीन सरकारें इनके सामने घुटने टेककर मौन साधे रहती थीं। प्रयाग की सड़कों पर सरेआम असलहे लहराए जाते थे और विधायक राजू पाल जैसी हत्याओं से दहशत फैलाई जाती थी।”
सीएम योगी ने गरजते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी, “हमारी सरकार में अब कोई माफिया सिर उठाने की जुर्रत नहीं कर सकता। माफिया की जगह अब केवल मिट्टी में है। अगर अब किसी अपराधी ने गरीबों या व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, तो उसकी और उसके बाप-दादाओं तक की अवैध संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और उन जमीनों पर गरीबों के लिए आशियाने बनाए जाएंगे।” (Prayagraj News)
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर इस बदलाव को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप के आशीर्वाद से यह पूरा क्षेत्र अब अपनी पुरानी बदनाम पहचान को पीछे छोड़कर एक नई आभा, शांति और अभूतपूर्व विकास के साथ आगे बढ़ेगा।
युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा की सौगात
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने समाज के वंचित वर्ग के महापुरुष के सम्मान में इलाके में बिजली पासी के नाम पर एक नया राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) बनवाने का बड़ा ऐलान किया। इसके अलावा, उन्होंने प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए शिक्षा के स्तर में सुधार की प्रतिबद्धता दोहराई।
विपक्षी दलों (विशेषकर समाजवादी पार्टी) पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में सरकारी नौकरियां निकलते ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली पर निकल पड़ती थी और सैफई सिंडिकेट के अयोग्य लोग आयोगों के अध्यक्ष बन जाते थे। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि वर्तमान भाजपा सरकार पूरी पारदर्शिता और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए अगले छह महीनों के भीतर राज्य में 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान करने जा रही है, जिसमें पुलिस, उपनिरीक्षक और होमगार्ड की बड़े पैमाने पर हो रही भर्तियां शामिल हैं। (Prayagraj News)
उत्तर प्रदेश में नाम बदलने की राजनीति और उसका प्रभाव
योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रयागराज के कसारी-मसारी का नाम बदलकर ‘कृष्णपुरी’ करना कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से ही योगी सरकार ने ऐतिहासिक भूलों को सुधारने और सनातन सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण शहरों और स्थानों के नाम बदले हैं। सबसे पहले साल 2018 में स्वयं इलाहाबाद का नाम बदलकर ‘प्रयागराज’ किया गया था। इसके बाद फैजाबाद जिले का नाम ‘अयोध्या’ और फैजाबाद रेलवे स्टेशन का नाम ‘अयोध्या कैंट’ किया गया।
ऐतिहासिक मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर’ किया गया। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा बदायूं को ‘वेदमऊ’, अलीगढ़ को ‘हरिगढ़’, सुल्तानपुर को ‘कुशभवनपुर’ और गाजीपुर व फिरोजाबाद जैसे जिलों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी समय-समय पर चर्चाओं में रहे हैं।
अतीक अहमद के दौर की पहचान बदलने और विकास की नई कहानी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कसारी-मसारी का नाम ‘कृष्णपुरी’ करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है। यह सीधे तौर पर अतीक अहमद के उस खौफनाक साम्राज्य के ‘नाम-ओ-निशान’ को मिटाने की कोशिश है, जिसने दशकों तक प्रयागराज को अपराध की गर्त में धकेले रखा। इसी कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में अतीक अहमद और उसके परिवार के सदस्यों को दफनाया गया था, इसलिए इस नाम के साथ एक गहरा काला अतीत जुड़ा हुआ था। (Prayagraj News)
प्रयागराज के इस हिस्से का ‘कृष्णपुरी’ बनना उत्तर प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था और शासन की बदलती प्राथमिकताओं की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। जहां कभी बंदूकों की गूंज और जमीनों पर अवैध कब्जे की कहानियां आम थीं, वहां अब 14 मंजिला आधुनिक इमारतें खड़ी होंगी और समाज के सबसे कमजोर तबके के लोग ससम्मान निवास करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम यह संदेश देने के लिए काफी है कि उत्तर प्रदेश में अब पहचान माफिया के खौफ से नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के नाम और लोक-कल्याणकारी विकास से तय होगी।









