Raghav Chadha: भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राघव चड्ढा को यह अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समिति के पुनर्गठन पर, हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बिधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुटिया, रंगव्रा नारज़ारी और संदोश कुमार पी को इसके सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।
Raghav Chadha को राज्यसभा की याचिका समिति की कमान
राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने 20 मई 2026 से प्रभावी नई समिति का पुनर्गठन किया है। इसी के तहत राघव चड्ढा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, याचिका समिति संसद की सबसे पुरानी समितियों में से एक है और इसका इतिहास औपनिवेशिक काल की विधानसभा तक जाता है।
1921 से अब तक: संसद की सबसे पुरानी समितियों में एक का इतिहास
इसकी उत्पत्ति 15 सितंबर, 1921 को तत्कालीन राज्य परिषद के एक सदस्य द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव से हुई थी। 1964 तक, राज्यसभा में याचिकाएँ केवल विधेयकों और संसद के ऊपरी सदन के समक्ष लंबित कामकाज से संबंधित मामलों के संबंध में ही प्रस्तुत की जा सकती थीं। 1964 के बाद, जब राज्यसभा की कार्यप्रणाली के नियमों में संशोधन किया गया, तो समिति का दायरा बढ़ा दिया गया। संशोधित नियमों के अनुसार, आम जनता के हित के किसी भी मामले पर याचिकाएं प्रस्तुत की जा सकती थीं।
हालांकि, कानून की अदालत के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामले, या जो मुख्य रूप से भारतीय सरकार की चिंता का विषय नहीं हैं, जिन्हें किसी ठोस प्रस्ताव या संकल्प के माध्यम से उठाया जा सकता है, या जिनके लिए कानून के तहत उपाय उपलब्ध है, वे समिति के दायरे से बाहर हैं। (Raghav Chadha)
राज्यसभा में बीजेपी मजबूत, आम आदमी पार्टी की संख्या घटी
इस बीच, समिति की अध्यक्षता चड्डा के हाल ही में छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद मिली है। इसके साथ ही, राज्यसभा में भाजपा के सांसदों की संख्या 113 हो गई है, जबकि आम आदमी की सीटों की संख्या घटकर सदन में केवल तीन रह गई है। राघव चड्डा (Raghav Chadha) के साथ-साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल भी बीजेपी में चले गए थे।









