Rajdhani Express Bomb Threat: पटरियों पर 140 की रफ़्तार से दौड़ती ‘राजधानी’… हजारों जिंदगियां… और उन जिंदगियों के बीच छिपा ‘मौत का सामान’! दिल्ली से पटना जाने वाली देश की सबसे वीआईपी ट्रेनों में से एक, राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की एक खौफनाक धमकी ने पूरे रेल महकमे की नींद उड़ा दी है। एक गुमनाम कॉल और उसके बाद जो हुआ, उसने रेल यात्रियों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।
जैसे ही कंट्रोल रूम के फोन की घंटी बजी, किसी को अंदाजा नहीं था कि दूसरी तरफ से मौत का फरमान सुनाया जाएगा। कॉल करने वाले ने कड़े लहजे में कहा— “दिल्ली-पटना राजधानी में बम है, रोक सको तो रोक लो!” इस एक कॉल ने दिल्ली से लेकर पटना तक के सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मचा दिया। (Rajdhani Express Bomb Threat)
आनन-फानन में अलर्ट जारी किया गया और स्टेशनों को ‘अभेद्य किले’ में तब्दील कर दिया गया। क्या यह सिर्फ एक शरारत है या किसी बड़ी आतंकी साजिश की आहट? इस सवाल ने सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर पसीना ला दिया है।
Rajdhani Express Bomb Threat: ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ की तैयारी
धमकी मिलते ही नई दिल्ली, कानपुर, मुगलसराय और पटना जंक्शन पर ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ शुरू कर दिया गया। और रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वारों से लेकर प्लेटफार्म के आखिरी कोने और चप्पे-चप्पे तक सुरक्षाकर्मियों ने घेराबंदी कर ली है। जहां ‘जांबाज’ खोजी कुत्तों की टीम हर बैग और हर पार्सल को सूंघ रही थी, तो वहीं मेटल डिटेक्टरों की बीप-बीप और कमांडो के जूतों की गूंज ने स्टेशन के माहौल को किसी युद्ध क्षेत्र जैसा बना दिया था। (Rajdhani Express Bomb Threat)
ट्रेन के भीतर का नजारा किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। जैसे ही यात्रियों को चेकिंग और बम की खबर मिली, तो मानो कोच के भीतर सन्नाटा पसर गया। बच्चे सहमे हुए थे, और बड़े अपनी सलामती की दुआ मांग रहे थे। ट्रेन के हर डिब्बे में जीआरपी और आरपीएफ के जवान तलाशी करते हुए बस एक ही बात अपने जहम में सोच रहें थे, कि भगवान ये एक फेक कॉल हो, यहां कोई भी निर्दोष इसका शिकार ना हो जाए।
फिलहाल अब पुलिस अब उस ‘लोकेशन’ और ‘नंबर’ को ट्रेस करने में जुटी है जहाँ से यह धमकी भरा कॉल आया था। क्या यह किसी सिरफिरे की सनक है या राजधानी की रफ़्तार को रोकने की कोई गहरी साजिश? दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और सुरक्षा एजेंसियां इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं। (Rajdhani Express Bomb Threat)









