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Sabarimala Gold Scam: भगवान के गहनों पर ‘अपनों’ की नज़र? पूर्व मुख्य पुजारी SIT की गिरफ्त में!

केरल (Kerala) के तिरुवनंतपुरम स्थित सबरीमाला(Sabarimala) से चोरी हुए सोने पर केरल हाईकार्ट (Kerala High Court) की तरफ से गठित की गई थी। चोरी के मामले में गठित एसआईटी (SIT)  के हाथ बड़ी सफलता लगी है. एसाईआटी  ने अपनी जांच के पांचवे दिन ही सबरीमाला सोना चोरी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चोरी के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन को एसआईटी ने तड़के ढाई बजे गिरफ्तार किया है। जिसको आज रन्नी अदालत में पेश किया जाएगा। जहां, एसआईटी उसे रिमांड पर लेकर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

“जहां करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था झुकती है, क्या वहीं के संरक्षक ने विश्वासघात की पटकथा लिखी?” केरल के सुप्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर की सुरक्षा और पवित्रता पर उस वक्त सवालिया निशान लग गए, भगवान अयप्पा के पवित्र आभूषणों में कमी और मिलावट की खबरों ने न केवल त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि पूरी दुनिया में फैले अयप्पा भक्तों को झकझोर कर रख दिया है। आखिर कैसे कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर के खजाने से ‘कनक’ गायब हो गया?

यह मामला सबरीमाला मंदिर के उन आभूषणों और सोने के बर्तनों से जुड़ा है। जो सदियों से मंदिर की परंपरा का हिस्सा रहे हैं। यहाँ घटनाक्रम की पूरी डिटेल दी गई है।

  • जांच की शुरुआत: मंदिर के स्टॉक ऑडिट के दौरान यह पाया गया कि पुराने सोने के आभूषणों और कुछ बर्तनों का वजन आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा है।
  • SIT की भूमिका: बढ़ते दबाव और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केरल सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। शुरुआती जांच में पूर्व मुख्य पुजारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
  • आरोप: पूर्व पुजारी पर आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मंदिर के सोने के बर्तनों या आभूषणों के साथ छेड़छाड़ की या उन्हें बदल दिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसमें कोई बड़ा गिरोह शामिल है।
  • बोर्ड की प्रतिक्रिया: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
  • वर्तमान स्थिति: पुलिस अभी पूर्व पुजारी के बैंक खातों, लॉकर और आय के स्रोतों की जांच कर रही है ताकि चोरी किए गए सोने की रिकवरी की जा सके।

सबरीमाला मंदिर की कहानी: उत्पत्ति और मान्यताएं

सबरीमाला केरल के पथानामथिट्टा जिले में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह पेरियार बाघ अभ्यारण्य में स्थित 18 पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह मंदिर विकास के देवता अय्यप्पा को समर्पित है। यह मंदिर केरल,(Kerala) तमिलनाडु,(Tamilnadu) कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के साथ-साथ देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। मंदिर में केवल नवंबर-दिसंबर में मंडलपूजा, 14 जनवरी को मकर संक्रांति और 14 अप्रैल को महा विश्व संक्रांति के दिनों में और प्रत्येक मलयालम महीने के पहले पांच दिनों में ही पूजा-अर्चना की अनुमति है।

सबरीमाला एक प्राचीन मंदिर है। स्थापना के बाद लगभग तीन शताब्दियों तक यह मंदिर लगभग दुर्गम रहा। 12वीं शताब्दी में, पंडालम वंश के राजकुमार मणिकंदन ने सबरीमाला तक पहुँचने के मूल मार्ग का पुनः पता लगाया। उनके साथ कई अनुयायी थे, जिनमें वावर (एक मुस्लिम योद्धा जिसे मणिकंदन ने परास्त किया था) परिवार के वंशज भी शामिल थे। इस राजकुमार को अय्यप्पा का अवतार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने सबरीमाला मंदिर में ध्यान किया और ईश्वर में विलीन हो गए।

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