Sambhal Electricity Raid: उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए एक व्यापक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। बिजली विभाग और सतर्कता (Vigilance) टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया, जहाँ बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शन और मीटर से छेड़छाड़ पकड़ी गई।
Sambhal Electricity Raid: बिजली चोरी के खिलाफ अभियान
संभल जिले के रायसट्टी पुलिस थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके दौरान अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर अवैध बिजली कनेक्शनों का पर्दाफाश किया। इस अभियान के लिए कई टीमें तैनात की गईं और जांच में ऐसे मामले सामने आए जहां दर्जनों घर एक ही अनधिकृत स्रोत से बिजली ले रहे थे।
संभल जिले के मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि इलाके में बिजली चोरी रोकने के लिए सात टीमें बनाकर समन्वित अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान, अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शनों का पता लगाया, जिनमें ऐसे मामले भी शामिल थे जहां एक ही अनधिकृत स्रोत से दर्जनों घरों को बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। (Sambhal Electricity Raid)

DM ने बताया कि रायसट्टी थाना क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ एक अभियान चलाया गया, जिसके लिए सात टीमें गठित की गईं। बड़ी मात्रा में चोरी पकड़ी गई, लेकिन एक-दो ऐसे स्थान भी थे जहां 50-60 घरों को एक ही स्रोत से बिजली मिल रही थी।
वहां एक मिनी पावर स्टेशन स्थापित किया गया था और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने एक पूरी भूमिगत प्रणाली बना रखी थी। मिले सबूतों के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा और एफआईआर दर्ज की जाएगी। (Sambhal Electricity Raid)
सलेमपुर क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान
इससे पहले रविवार को प्रशासन ने सलेमपुर क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि अतिक्रमण लगभग 20-25 साल पहले हुआ था और मदरसे के नाम पर यहां व्यावसायिक गतिविधियां भी चलाई जा रही थीं।
डीएम ने बताया, “जहां भी अतिक्रमण हुआ है, हमने पहले भी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी थी और उन्हें जागरूक किया था। इसके बाद, हम सभी की पहचान कर उनके खिलाफ धारा 67 के तहत मामले दर्ज कर रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सभी अतिक्रमणों को हटा रहे हैं। (Sambhal Electricity Raid)
अतिक्रमण लगभग 20-25 साल पहले किया गया था और मदरसे के नाम पर यहां व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही थीं। कई दुकानें बनाई गई थीं और उनसे किराया भी वसूला जा रहा था। हमने 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और अतिक्रमण हटाने की लागत भी वसूल करेंगे, जो आज तक का पूरा खर्च होगा।”
जांच के दौरान चोरी में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी से राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के रैकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या बाहरी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। (Sambhal Electricity Raid)









