Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के बहुचर्चित कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिलने के बाद अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। लखनऊ की प्रभारी सीजेएम अदालत ने मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद जब श्रद्धा को कोर्ट में पेशी और मेडिकल के लिए ले जाया गया, तो हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पुलिस वैन में बैठे ही श्रद्धा ने मीडिया के सामने हाथ जोड़ लिए, वहीं थाने में हुई साढ़े छह घंटे की मैराथन पूछताछ में उसने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए।
Shiva Sharma Murder Case: 11 दिन की फरारी के बाद नागपुर से हुई गिरफ्तारी
यह पूरा मामला 9 अक्टूबर 2026 का है, जब लखनऊ के एक रईस कारोबारी शिवा शर्मा की श्रद्धा दुबे के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई थी। शिवा की मां की शिकायत पर हजरतगंज थाने में श्रद्धा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर फरार चल रहे थे। पुलिस ने इन पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। आखिरकार, यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को तीनों को महाराष्ट्र के नागपुर में बेतलारोड़ी इलाके के एक फ्लैट से धर दबोचा।
थाने में मुंह छिपाकर एंट्री, 6.5 घंटे में दागे गए 120 सवाल
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे यूपी पुलिस की टीम तीनों आरोपियों को लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची। जैसे ही पुलिस की गाड़ी रुकी, मीडिया के कैमरों को देखकर श्रद्धा दुबे ने अपना चेहरा हाथों से ढक लिया और नजरें बचाते हुए तेजी से थाने के अंदर चली गई। थाने के भीतर डीसीपी मध्य के सर्विलांस कार्यालय में तीनों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ शुरू हुई। यह पूछताछ करीब 6 घंटे 35 मिनट तक चली, जिसमें पुलिस ने हत्या, साजिश और 11 दिन की फरारी को लेकर 120 से ज्यादा तीखे सवाल दागे।
पूछताछ में श्रद्धा की चुप्पी- “वकील से बात करिए”
सूत्रों के मुताबिक, इतनी लंबी पूछताछ के बावजूद श्रद्धा दुबे ने पुलिस के सामने लगभग चुप्पी साधे रखी। जब भी पुलिस ने शिवा शर्मा की मौत की उस रात से जुड़े गंभीर सवाल पूछे, तो श्रद्धा का एक ही रटा-रटाया जवाब था, “मुझसे कुछ मत पूछिए, जो भी बात करनी है मेरे वकील से करिए”। उसने कुछ सवालों के जवाब में केवल वही बातें दोहराईं जो उसने फरारी के दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके कही थीं।
श्रद्धा का दावा है कि उसने शिवा की हत्या नहीं की, बल्कि शिवा ने उसकी आंखों के सामने चौथी मंजिल से छलांग लगाई थी। पुलिस द्वारा उसकी फरारी के मददगारों और नेपाल भागने की चर्चाओं पर पूछे गए सवालों के उसने बेहद गोलमोल जवाब दिए।
श्रद्धा दुबे केस: घटनाक्रम से लेकर जेल तक का सफर
- 9 अक्टूबर: कारोबारी शिवा शर्मा की फ्लैट से गिरकर मौत
- 20 अक्टूबर: नागपुर के फ्लैट से श्रद्धा व अन्य गिरफ्तार
- 22 अक्टूबर: हजरतगंज थाने में 6.5 घंटे कड़ी पूछताछ
- कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक 10 दिन के लिए जेल भेजा
पुलिस वैन में हाथ जोड़े, मेडिकल के बाद कोर्ट में पेशी
साढ़े छह घंटे की पूछताछ के बाद शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस तीनों आरोपियों को वैन में बैठाकर सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले गई। पुलिस वैन में बैठते ही श्रद्धा दुबे का अंदाज बदला हुआ नजर आया। उसने बाहर जमा मीडियाकर्मियों और कैमरों को देखकर अपने दोनों हाथ जोड़ लिए। अस्पताल में करीब 35 मिनट तक चले मेडिकल चेकअप के बाद पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच तीनों को प्रभारी सीजेएम बलवंत भारती की कोर्ट में पेश किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को 31 अक्टूबर तक (10 दिन) के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। तीनों को लखनऊ जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया है।
आगे की तफ्तीश और पुलिस के सामने चुनौतियां
भले ही मॉडल श्रद्धा को जेल भेज दिया गया हो, लेकिन लखनऊ पुलिस के लिए यह केस अभी सुलझा नहीं है। पूछताछ में सहयोग नहीं मिलने के कारण पुलिस अब मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अपार्टमेंट के CCTV फुटेज की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 11 दिनों तक लखनऊ से नागपुर तक फरार रहने के दौरान श्रद्धा को किन लोगों ने छिपने में मदद की और उसे कहां-कहां पनाह दी।









