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संसद से मंजूर हुआ बिल, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़कर 38; बढ़ते मामलों के निपटारे को मिलेगी रफ्तार

Supreme Court Judges Amendment Bill 2026

Supreme Court Judges Amendment Bill 2026: राज्यसभा ने बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। लोकसभा द्वारा 3 अगस्त 2026 को इसे पहले ही मंजूरी दी जा चुकी थी, जिसके बाद अब इसे संसद की पूर्ण स्वीकृति मिल गई है।

Supreme Court Judges Amendment Bill 2026: ‘सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाना समय की मांग’, बोले अर्जुन राम मेघवाल

विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “न्यायपालिका के बढ़ते कार्यभार, न्यायिक मामलों की बदलती प्रकृति और उभरते संवैधानिक और कानूनी व्याख्याओं के नए सवालों को ध्यान में रखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना समय की मांग है और साथ ही एक सामयिक सुधार भी है।”

लोकसभा द्वारा पहले ही पारित हो चुके इस विधेयक को राज्यसभा में विचार-विमर्श के बाद निचले सदन में वापस भेज दिया गया, जिससे संसद द्वारा इसे पूर्ण रूप से मंजूरी मिल गई। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 कर देता है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं। यह मई 2026 के उस अध्यादेश का स्थान लेता है, जिसने पहले ही न्यायालय की संख्या में वृद्धि की थी। 2019 के बाद यह पहली बार है जब न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि की गई है। (Supreme Court Judges Amendment Bill 2026)

CJI सूर्यकांत के पत्र के बाद बढ़ी सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या

इस कानून के पीछे के तर्क को समझाते हुए मेघवाल ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 11 मई को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष दायर किए गए नए मामलों में वृद्धि और निपटान दर को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त न्यायाधीशों की आवश्यकता पर जोर दिया था।

मेघवाल ने कहा, “सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रोजाना दर्ज होने वाले मामलों में काफी वृद्धि हुई है… उन्होंने एक साल में 10,000 मामलों के अंतर का अनुमान लगाया है।” उन्होंने आगे कहा कि बड़े संविधान पीठों के गठन से नियमित सुनवाई के लिए उपलब्ध न्यायाधीशों की संख्या भी कम हो जाती है, जिससे आपराधिक अपीलों और अन्य मामलों में देरी होती है। (Supreme Court Judges Amendment Bill 2026)

‘लंबित मामलों को कम करना सरकार की प्राथमिकता’, बोले मेघवाल

मंत्री ने कहा कि लंबित मामलों को कम करना सरकार की प्राथमिकता है और न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना व्यापक न्यायिक सुधारों का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “न्याय तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र सरकार लंबित मामलों के शीघ्र निपटान द्वारा लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए प्रतिबद्ध है… सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना न्यायिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”

मेघवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई, 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके बाद अध्यादेश जारी किया गया। उन्होंने कहा कि 1 जून, 2026 को पांच नए सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई और तब से सबसे पुराने लंबित दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए चार विशेष पीठों का गठन किया गया है। (Supreme Court Judges Amendment Bill 2026)

795.53 करोड़ रुपये से होगा सुप्रीम कोर्ट भवन का विस्तार

बहस के दौरान सदस्यों द्वारा न्यायिक अवसंरचना को लेकर उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भवन के विस्तार का काम 795.53 करोड़ रुपये की लागत से दो चरणों में किया जा रहा है। इसमें 28 कोर्टरूम, नौ संविधान कोर्टरूम, 42 जजों के चैंबर, वकीलों के लिए सुविधाएं और पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।

न्यायिक नियुक्तियों के संबंध में मंत्री ने कहा कि संविधान के तहत यह प्रक्रिया न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच एक सहयोगात्मक प्रक्रिया है, जबकि जिला न्यायालयों में नियुक्तियां संबंधित उच्च न्यायालयों और राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। (Supreme Court Judges Amendment Bill 2026)

सुप्रीम कोर्ट में 96 हजार, हाई कोर्ट में 64.72 लाख मामले लंबित

राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड का हवाला देते हुए मेघवाल ने कहा कि 16 जुलाई, 2026 तक सर्वोच्च न्यायालय में 96,024 मामले, उच्च न्यायालयों में 64.72 लाख मामले और जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में 4.98 करोड़ मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायिक दक्षता में सुधार के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र और ई-कोर्ट परियोजना को बढ़ावा दे रही है।

इस बीच, राज्यसभा और लोकसभा दोनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई है और गुरुवार को सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू होगी। (Supreme Court Judges Amendment Bill 2026)

Vaishali
Author: Vaishali

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