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Tej Pratap yadav Dahi Chuda: बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर! विजय सिन्हा के घर दही-चूड़ा भोज में पहुँचे तेज प्रताप, क्या NDA में शामिल होंगे? अटकलें तेज

बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा का भोज महज एक भोजन नहीं, बल्कि सत्ता के समीकरण बदलने का संकेत माना जाता है। इस बार उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित भोज में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मौजूदगी ने सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।

बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज की परंपरा लालू प्रसाद यादव के दौर से चली आ रही है, जहाँ धुर विरोधी भी एक साथ बैठकर तिलक लगाते और भोजन करते थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से लालू परिवार के भीतर चल रही खींचतान और तेज प्रताप यादव की अपनी नई पार्टी ‘जन शक्ति जनता दल’ (JJD) बनाने की खबरों के बीच, उनका भाजपा और जेडीयू नेताओं के साथ मेल-जोल बढ़ना बेहद चौंकाने वाला है। कुछ दिन पहले ही तेज प्रताप ने खुद विजय सिन्हा के घर जाकर उन्हें आमंत्रित किया था, और आज खुद उनके मेहमान बनकर पहुँच गए।

“तिलक लगा, दही-चूड़ा खाया… क्या अब लालू के ‘लाल’ ने एनडीए का दामन थाम लिया?”

 पटना की कड़ाके की ठंड में विजय सिन्हा के आवास से निकली राजनीतिक गर्माहट ने दिल्ली तक हलचल पैदा कर दी है। जब तेज प्रताप यादव ने उपमुख्यमंत्री के हाथों दही-चूड़ा का स्वाद चखा, तो सवाल उठने लगे कि क्या यह केवल ‘संस्कार’ है या फिर बिहार में किसी बड़े ‘सियासी खेला’ की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है? बीजेपी नेताओं द्वारा दिया गया ‘खुला न्योता’ इशारा कर रहा है कि अब ‘लालटेन’ की लौ से दूर, तेज प्रताप अपनी नई मंजिल तलाश रहे हैं।

एनडीए में शामिल होने का ऑफर

भोज के दौरान एनडीए खेमे से तेजप्रताप यादव को लेकर ऐसे बयान आए, जिसने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता जीतनराम मांझी (Jeetan Ram Manjhi) के बेटे संतोष सुमन(Santosh Suman) ने तेजप्रताप Tej Pratap yadav) को खुले मंच से एनडीए (NDA) में शामिल होने का ऑफर दे दिया।

संतोष सुमन ने कहा कि अगर तेजप्रताप यादव एनडीए के साथ आना चाहें, तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। उनके इस बयान को विपक्ष में हलचल पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है।

 तेज प्रताप का ‘सस्पेंस’ भरा जवाब: जब मीडिया ने उनसे एनडीए में शामिल होने का सवाल पूछा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “भोज का न्योता मिला था, हम अपना फर्ज निभाने आए हैं। राजनीति अपनी जगह है, रिश्ते अपनी जगह। अगर कुछ होगा, तो आपको पता चल जाएगा।”

पारिवारिक कलह और ‘JJD’: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तेजस्वी यादव से बढ़ती दूरियों और आरजेडी में अपनी उपेक्षा से नाराज होकर तेज प्रताप अब अपनी नई राह (जन शक्ति जनता दल) JJD को एनडीए के समर्थन से मजबूत करना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि कल यानी 14 जनवरी को तेज प्रताप यादव ने अपने आवास पर भी एक बड़े दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा को आमंत्रित किया है। यदि कल एनडीए के दिग्गज नेता तेज प्रताप के घर पहुँचते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि बिहार की राजनीति में एक नया ‘पॉवर सेंटर’ तैयार हो चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि लालू परिवार की विरासत पर दांव लगाने के लिए बीजेपी अब तेज प्रताप को एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।

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