दुनिया अभी वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के झटकों से उबर भी नहीं पाई थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और ऐसा ‘आर्थिक परमाणु विस्फोट’ कर दिया है जिसकी लहरें पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाली हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत और चीन से आने वाली वस्तुओं पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले ऐतिहासिक और आक्रामक बिल को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल एक व्यापारिक फैसला नहीं है, बल्कि यह आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े ‘ग्लोबल ट्रेड वॉर’ की शुरुआत है।
फिलहाल देखा जाए तो ट्रंप का यह फैसला उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ (America First) एजेंडे का अब तक का सबसे उग्र रूप माना जा रहा है। वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप के बाद, ट्रंप ने अब दुनिया की दो सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं—भारत और चीन—की कमर तोड़ने के लिए ‘टैक्स की दीवार’ खड़ी कर दी है। यह बिल अंतरराष्ट्रीय व्यापार के सभी पुराने नियमों और डब्ल्यूटीओ (WTO) के सिद्धांतों को किनारे रखते हुए लागू किया जा रहा है। तो वहीं ट्रंप का दावा है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को बचाने और विदेशी निर्भरता को खत्म करने के लिए उठाया गया है।

भारत के लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, और 500% टैरिफ का सीधा मतलब है कि, भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात और दवाओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी, जिससे वे अमेरिकी बाजार से बाहर हो सकते हैं। तो वहीं कपड़ा, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग सामान बनाने वाली कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी की आशंका है। इस खबर के साथ ही भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
चीन ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘आर्थिक आतंकवाद’ करार दिया है। बीजिंग ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे दुनिया भर की सप्लाई चेन (Supply Chain) के ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। आपको बताते चलें कि यदि भारत और चीन ने भी जवाबी टैरिफ लगाए, तो दुनिया 1930 की महामंदी से भी बुरे दौर में जा सकती है। और जससे अमेरिका के भीतर भी आम जनता के लिए रोजमर्रा की चीजें इतनी महंगी हो जाएंगी कि आम नागरिकों का जीना दूभर हो जाएगा। सबसे बड़ी चुनौती तो यह होगी कि इस तनाव से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के रूप में डॉलर की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

फिलहाल देखा जाए तो 2026 की शुरुआत दुनिया के लिए बेहद भयावह साबित हो रही है। एक तरफ युद्ध की आहट है और दूसरी तरफ आर्थिक तबाही का मंजर। ट्रंप का यह ‘500% टैरिफ कार्ड’ दुनिया को दो हिस्सों में बांटने की ओर ले जा रहा है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि वैश्विक अर्थव्यवस्था सांस लेती रहेगी या फिर हमेशा के लिए आईसीयू (ICU) में चली जाएगी।









