UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की राजनीति अपनी अनोखी बयानबाजी, तीखे तंज और जमीनी मुहावरों के लिए जानी जाती है। जैसे-जैसे सूबा 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर और ज्यादा नुकीले होते जा रहे हैं। इस सियासी समर में अब एक नया मोड़ आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक हलचल मचा दी है। यह मोड़ है ‘काजू और किशमिश’ की एंट्री।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के बीच हाल ही में ‘काजू’ को लेकर एक बेहद तीखी और दिलचस्प नोकझोंक देखने को मिली है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुरू हुआ यह वीडियो वॉर अब यूपी की चुनावी राजनीति का एक मुख्य विमर्श बन गया है।
UP Election 2027: कैसे शुरू हुआ ‘काजू कांड’? अखिलेश यादव का पहला वार
इस पूरे विवाद की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 को हुई जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एक हेलीकॉप्टर में बैठे नजर आ रहे हैं, और उनके ठीक बगल वाली टेबल पर एक प्लेट में काजू और मखाना जैसी वीआईपी खाने-पीने की चीजें रखी हुई दिखाई दे रही हैं।
अखिलेश यादव ने इस वीडियो को शेयर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और ब्रजेश पाठक पर कविताई अंदाज में तंज कसा, “मुखिया हैं बेसुध-बेकाबू, आजू-बाजू खा रहे काजू!”। (UP Election 2027)
अखिलेश यादव ने इस वीडियो के जरिए केवल व्यक्तिगत तंज ही नहीं कसा, बल्कि इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और पिछड़े वर्ग के मुद्दों से भी जोड़ दिया। उन्होंने एक अन्य संदर्भ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जहाँ प्रदेश के अस्पतालों में बदहाली का आलम है, जिसमें एक मुसहर जाति की गर्भवती महिला को कथित तौर पर अस्पताल में जगह न मिलने के कारण खुले में प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ा, वहाँ स्वास्थ्य मंत्री काजू खाने में व्यस्त हैं।
अखिलेश ने लिखा, “अगर स्वास्थ्य मंत्री को काजू खाने से फुर्सत मिले, तो वे देखें कि उनके विभाग में किस कदर भेदभाव का जहर भरा हुआ है”। उन्होंने अपनी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को हवा देते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। (UP Election 2027)

ब्रजेश पाठक का तीखा पलटवार- “सियासत में दिखावा सादा, व्यंजन लबाबदार”
अखिलेश यादव के इस काजू वाले हमले पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी शांत बैठने के बजाय उसी शैली में जवाबी हमला किया। उन्होंने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव का ही एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इस वीडियो में अखिलेश यादव अपने कुछ सहयोगी नेताओं के साथ एक आलीशान डिनर टेबल पर बैठे नजर आ रहे हैं, जहाँ उनके सामने मेज पर काजू, किशमिश, बादाम, कई तरह के ड्राई फ्रूट्स और लजीज पकवानों की भरमार दिख रही है। वीडियो में अखिलेश खुद भी कुछ खाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ब्रजेश पाठक ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए सपा प्रमुख की ‘झूठी सादगी’ पर बड़ा हमला बोला और लिखा, “वाह क्या ठाठ हैं, मेज पर काजू, किशमिश, बादाम और व्यंजनों की भरमार है, राजसी ठाठ का भोज है। सियासत के दिखावे की थाली में दाल-रोटी और असली थाली में पकवान है। झूठी सादगी का ये अंदाज भी बड़ा शानदार है श्रीमान जी का। सियासत में दिखावा सादा हो तो क्या हुआ, व्यंजन तो लबाबदार है।” (UP Election 2027)
2027 का महामुकाबला
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल अभी से बेहद गर्म है, जहाँ एक तरफ समाजवादी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में मिले भारी जनसमर्थन के बाद काफी उत्साहित है और लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी अपनी कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के दम पर राज्य में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही है।
इस काजू-मखाने की लड़ाई ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले चुनाव में कोई भी दल किसी भी मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता। जब चुनाव डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में लड़े जा रहे हों, तो नेताओं के हेलीकॉप्टर के भीतर रखे ड्राई फ्रूट्स भी एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन जाते हैं। (UP Election 2027)









