उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए 2026 की शुरुआत किसी बड़े धमाके से कम नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ को अब तक की सबसे तेज रफ्तार दे दी है। लखनऊ के लोकभवन में होने वाली बैठक को लेकर शासन स्तर पर हलचल तेज है, जिसमें सरकारी नौकरियों के लिए एक ठोस ‘टाइमलाइन’ (Deadline) तय की जानी है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ‘मिशन रोजगार’ के तहत प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े सरकारी पदों को भरने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना और उनकी समय सीमा (Deadline) तय करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं को रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज शाम होने वाली इस बैठक में सीएम योगी सभी विभागों से उनके यहाँ खाली पड़े पदों की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा लेंगे। और भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए विज्ञापन से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक की एक सख्त टाइमलाइन तय की जाएगी। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जाएंगे।

आपको बताते चलें कि, मुख्यमंत्री इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ा संदेश दे सकते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि आगामी महीनों के भीतर हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जहाँ एक तरफ युवा इस बैठक से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे सरकार के एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देख रहे हैं। ‘मिशन रोजगार’ के माध्यम से सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवा शक्ति को नई दिशा देने का प्रयास कर रही है।
सरकार ने विभागवार रिक्तियों का ब्यौरा फाइनल कर लिया है। इस मेगा ड्राइव की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं
यूपी पुलिस: लगभग 50,000 पदों पर भर्ती होनी है, जिसमें 32,679 से अधिक कांस्टेबल और 5,000 सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। बड़ी राहत यह है कि सरकार ने हाल ही में उम्र सीमा में 3 साल की छूट को भी मंजूरी दी है।
शिक्षा विभाग: करीब 50,000 शिक्षकों और प्रशासनिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
राजस्व (Revenue): करीब 20,000 लेखपालों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती का लक्ष्य है।

फिलहाल शाम में होने वाली यह बैठक उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा करने वाली है। सीएम योगी का ‘मिशन रोजगार’ न केवल खाली पदों को भरने का अभियान है, बल्कि यह यूपी के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का एक संकल्प भी है। बैठक के बाद आने वाले निर्णय प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य की दिशा तय करेंगे।









