UP MLC Election: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव से ठीक पहले सूबे की सियासत में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ और कद्दावर नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी शनिवार को आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
समाजवादी पार्टी ने न केवल डॉ. संजयन त्रिपाठी का अपनी पार्टी में स्वागत किया, बल्कि उन्हें गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना आधिकारिक MLC उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। इस फैसले के तहत सपा ने पहले से घोषित अपने प्रत्याशी कमलेश यादव का टिकट काटकर डॉ. त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।

UP MLC Election: बगावत की वजह- टिकट न मिलने की टीस और ‘घुटन’
डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर दावेदारी पेश कर रहे थे। हालांकि, पार्टी द्वारा ऐन वक्त पर उनका टिकट काटकर ध्रुव कुमार त्रिपाठी को तरजीह दिए जाने के बाद वह बेहद आहत थे।
लखनऊ रवाना होने से ठीक पहले उन्होंने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में पिछले 6 वर्षों से उनकी जमीनी मेहनत और निष्ठा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। सपा में शामिल होने के बाद डॉ. त्रिपाठी ने खुलकर कहा कि बीजेपी में उन्हें घुटन महसूस हो रही थी और पार्टी छोड़ना ही एकमात्र विकल्प बचा था।
कार से झंडा उतारने का वह भावुक पल
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की पटकथा महज 48 घंटे के भीतर लिखी गई। भाजपा से टिकट कटने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। नामांकन के बाद गोरखपुर में अपने बेतियाहाता स्थित आवास के बाहर जब वह मीडिया से मुखातिब हुए, तो उनका दर्द छलक पड़ा।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी एसयूवी (SUV) कार से भाजपा का झंडा उतार दिया और इस दौरान वह बेहद भावुक हो गए व रो पड़े। कार से झंडा उतारने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और तभी से उनके भाजपा छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। (UP MLC Election)
36 घंटे में बदला ‘राजनीति का ककहरा’
डॉ. संजयन त्रिपाठी के इस कदम ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है, क्योंकि उन्होंने पाला बदलने से ठीक 36 घंटे पहले एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी राजनीति की शुरुआत ही ‘गोरखनाथ मंदिर’ से हुई थी और उन्होंने राजनीति का ककहरा सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छत्रछाया में सीखा है। लेकिन टिकट न मिलने की नाराजगी इस कदर हावी हुई कि उन्होंने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर में ही भाजपा को एक करारा झटका दे दिया।
अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक और सपा की रणनीति
लखनऊ में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने डॉ. संजयन त्रिपाठी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए, जिन्हें सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
अखिलेश यादव ने डॉ. त्रिपाठी का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र और शिक्षकों-युवाओं के सम्मान की लड़ाई बताया। ऐन वक्त पर भाजपा के एक स्थापित और कद्दावर चेहरे को अपने पाले में लाकर और तुरंत प्रत्याशी बनाकर अखिलेश यादव ने गोरखपुर मंडल में बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। (UP MLC Election)
एमएलसी चुनाव का पूरा कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इस चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार-
- नामांकन की अंतिम तिथि: 6 अक्टूबर
- नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्टूबर
- मतदान (Voting): 23 अक्टूबर
- मतगणना (Result): 27 अक्टूबर
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर मुकाबला हुआ दिलचस्प
डॉ. संजयन त्रिपाठी के पाला बदलने से गोरखपुर-फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है। दो बार इस क्षेत्र से रनर-अप रह चुके डॉ. त्रिपाठी की शिक्षकों और स्नातकों के बीच अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। अब भाजपा के बागी चेहरे को साइकिल का सिंबल मिल जाने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय न रहकर सीधे तौर पर सपा बनाम भाजपा की बेहद दिलचस्प और कांटे की लड़ाई में तब्दील हो चुका है। (UP MLC Election)









