West Bengal 4,000 EVMs Destroyed In Massive Fire: कोलकाता के अलीपुर में एक सरकारी इमारत में लगी भीषण आग में लगभग 4,000 ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनें जलकर खाक हो गई हैं, जिसके बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को बेहद रहस्यमयी बताते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। टीएमसी का आरोप है कि क्या यह महज एक हादसा था या फिर चुनाव प्रक्रिया से छेड़छाड़ के बाद महत्वपूर्ण सबूतों को जानबूझकर मिटाने की कोई सुनियोजित साजिश थी।
West Bengal 4,000 EVMs Destroyed In Massive Fire: 4,000 ईवीएम और वीवीपैट मशीनें राख
कोलकाता का अलीपुर इलाका, जहां स्थित नौ मंजिला दक्षिण 24 परगना जिला परिषद भवन में यह आग लगी। आग की चपेट में आने से 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलट यूनिट और 4,000 वीवीपैट (VVPAT) मशीनें पूरी तरह नष्ट हो गईं। ये सभी मशीनें हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 10 निर्वाचन क्षेत्रों जैसे कस्बा, जादवपुर, बेहाला पूर्व, बेहाला पश्चिम, मटियाबुर्ज, सतगाछिया और डायमंड हार्बर सब-डिवीजन में इस्तेमाल की गई थीं।
रहस्यमयी आग से मचा सियासी बवाल
टीएमसी ने खुलकर सवाल उठाया कि चुनाव में गड़बड़ी छिपाने के लिए सबूतों को नष्ट करने का प्रयास तो नहीं किया गया? पार्टी का कहना है कि मशीनों और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए पहले ही अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। ऐसे में सुरक्षा की चूक होना बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। टीएमसी ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग हमेशा के लिए अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकता है और उसे इस पर साफ रुख रखना होगा। (West Bengal 4,000 EVMs Destroyed In Massive Fire)
तीसरी मंजिल से सातवीं-आठवीं तक पहुंची आग, मंत्री ने जताई साजिश की आशंका
इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल सरकार के दमकल और आपातकालीन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह आग सामान्य नहीं लगती, क्योंकि आग तीसरी मंजिल से शुरू होकर सीधे सातवीं और आठवीं मंजिल पर पहुंच गई, जबकि बीच की चौथी, पांचवीं और छठी मंजिलें सुरक्षित बच गईं। राज्य मंत्री चौधरी ने कहा, ‘‘आग में लगभग 4,000 ईवीएम जलकर नष्ट हो गईं। राज्य में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान इन ईवीएम का इस्तेमाल 10 निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था।”
चौधरी ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कहा, ‘‘यह सामान्य आग नहीं प्रतीत हो रही है। हम जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई तोड़-फोड़ तो नहीं हुई थी। अभी यह साफ नहीं है कि आग नौवीं और दसवीं मंज़िल तक कैसे पहुंची।” उन्होंने कहा कि आग सबसे पहले इमारत की दूसरी और तीसरी मंज़िल पर देखी गई। मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आग चौथी, पांचवीं और छठी मंज़िल को प्रभावित किए बिना सातवीं और आठवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गयी? पूरे मामले की जांच चल रही है।’ (West Bengal 4,000 EVMs Destroyed In Massive Fire)
मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठे किए हैं ताकि आग लगने की असली वजह (शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या साजिश) का पता लगाया जा सके। इस घटना पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी चुनाव आयोग और सरकार से इस पर तुरंत स्पष्टीकरण मांगा है।









