West Bengal Birbhum Hotel Fire Incident: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर के पास स्थित ‘होटल विदेशिनी’ में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा सुबह करीब 4:30 से 5:00 बजे के बीच हुआ, जब चार मंजिला होटल के ग्राउंड फ्लोर या रिसेप्शन एरिया में आग भड़क उठी। सावन के आखिरी सोमवार और कौशिकी अमावस्या के नजदीक होने के कारण होटल तीर्थयात्रियों से पूरी तरह भरा हुआ था, और जिस समय आग लगी उस वक्त ज्यादातर लोग सो रहे थे।
West Bengal Birbhum Hotel Fire Incident: AC में शॉर्ट सर्किट से लगी आग?
प्राथमिक जांच और होटल अधिकारियों के दावों के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, जो संभवतः रिसेप्शन पर लगे एयर कंडीशनर (AC) से शुरू हुई। शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त होटल का फायर अलार्म सिस्टम नहीं बजा, जिससे लोगों को समय पर सतर्क होने का मौका नहीं मिल पाया। आग और दम घुटने के कारण 7 लोगों की जान चली गई।
दमकल-पुलिस ने 22 लोगों को बचाया, 11 घायल अस्पताल में भर्ती
दमकल की गाड़ियों और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए 11-12 लोगों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है। (West Bengal Birbhum Hotel Fire Incident)
बाहर से न धुआं दिखा, न आग की लपटें; तारापीठ होटल अग्निकांड में 22 लोगों का रेस्क्यू
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंदेश ने कहा कि बाहर से न तो धुआं और न ही आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। उन्होंने बताया, “बाहर से न तो धुआं दिखाई दे रहा था और न ही आग की लपटें। पुलिस और दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को बचाया गया और 11 अन्य को अस्पताल भेजा गया… इस घटना में 7 लोगों की जान चली गई है।”
भुंदेश ने आगे कहा, “फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक टीम यहां पहुंचेगी। FIR दर्ज होने के बाद होटल संचालकों को हिरासत में ले लिया गया है। हम उनसे पूछताछ कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई और जांच कर रहे हैं।” (West Bengal Birbhum Hotel Fire Incident)
तारापीठ होटल अग्निकांड पर भाजपा विधायक का हमला
भाजपा विधायक ध्रुबा साहा ने इस घटना को लेकर अधिकारियों की आलोचना की और तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) में परिवर्तन की मांग की। उन्होंने कहा, “व्यवस्था पहले से ही खस्ताहाल थी। TRDA में सुधार की जरूरत है। उन्होंने इतनी बड़ी इमारत तो बना दी, लेकिन आग पर काबू पाने का कोई इंतजाम नहीं था। अंदर घुसो और मरो… कई लोगों की मौत हो चुकी है।” (West Bengal Birbhum Hotel Fire Incident)









