भारतीय आसमान में भरोसे और सेवा की नई मिसाल पेश करते हुए देश की अग्रणी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) ने हवाई सफर में अपने को बहुत कम समय के अंदर भारत में इस्टैबलिश कर लिया और देश के हर कोने में सीधी फ्लाइट चला के यात्रियों का सफर काफी सुगम ही सरल बना दिय़ा था। लेकिन वो कहते है ना कि जब किसी को ये घमंड़ आ जाए तो फिर वो अपनी मनमानी करने लगता है कुछ वैसा ही काम इंडिगो ने कुछ समय पहले शुरू कर दिया था। इंडिगो नें भिना बताए अपनी 100 से ज़्यादा फ्लाइटों को रद्द कर दिया, और पिर क्या था देश में हाय़-तौबा मच गई।
जिसके बाद सरकार और DGCA को अपनी दखलंदाज़ी करनी पड़ी। उसके बाद इंडिगो के सीइओं ने सरकार और जनता से हाथ जोकर माफी मांगी। अब बताया जा रहै है कि जो उलाइन कैंसिल हुई थी उसको लेकर इंडिगो ने अपने यात्रियों को लेकर बड़ा दिल दिखाया है।

इंडिगो का दिल जीतने वाला फैसला
इंडिगो ने एक बड़ा और दिल जीतने वाला फैसला लिया है। पिछले दिनों तकनीकी कारणों और परिचालन संबंधी बाधाओं के चलते असुविधा झेलने वाले यात्रियों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए एयरलाइन ने घोषणा की है कि वह प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर प्रदान करेगी। अक्सर देखा जाता है कि फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्री खुद को ठगा सा महसूस करते हैं, लेकिन इंडिगो ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है। यह वाउचर उन सभी यात्रियों को दिया जा रहा है, जिन्हें कुछ दिन पहले फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण परेशानी उठानी पड़ी थी।

यात्रियों की भावनाएं कंपनी के लिए सर्वोपरि
आपको बताते चलें कि, किसी एयरलाइन द्वारा इतनी बड़ी राशि का वाउचर देना यह दर्शाता है कि ग्राहकों का समय और उनकी भावनाएं कंपनी के लिए सर्वोपरि हैं। और यात्री इस 10,000 रुपये के वाउचर का उपयोग अपनी अगली यात्रा के लिए कर सकेंगे, जिससे उनका अगला सफर लगभग मुफ्त या बेहद सस्ता हो जाएगा। जहां इस कदम से न केवल यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ है, वहीं एविएशन सेक्टर में कंपनी के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।
एक ऐसे समय में जब डिजिटल दौर में छोटी-सी असुविधा भी बड़ी चर्चा बन जाती है, इंडिगो की यह “खुशनुमा भरपाई” कॉर्पोरेट जगत के लिए एक मिसाल है। यह संदेश देता है कि व्यापार सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि अपनों (ग्राहकों) के साथ खड़े रहने के लिए भी है। “यह सिर्फ एक वाउचर नहीं, बल्कि एक वादा है कि आपकी यात्रा हमारे लिए मायने रखती है। इंडिगो का यह सौम्य प्रयास उन हजारों चेहरों पर फिर से चमक लाएगा जो पिछले दिनों परेशान हुए थे।”
किसे मिलेगा फायदा?
यह वाउचर केवल उन चुनिंदा फ्लाइट्स के यात्रियों को दिया जाएगा जो उस दौरान हवाई अड्डों पर फंसे हुए थे और भारी परेशानी का सामना किया था. इसके लिए कंपनी ने इन फ्लाइट्स की पहचान कर ली है.

कैसे और कब मिलेगा मुआवजा?
26 दिसंबर से एयरलाइन की टीम उन यात्रियों से संपर्क करना शुरू करेगी। जिनके फोन नंबर या ईमेल उनके पास पहले से मौजूद हैं। जिन लोगों ने किसी ट्रैवल एजेंट या वेबसाइट के जरिए टिकट बुक की थी, उनके लिए एयरलाइन एजेंटों से संपर्क कर रही है,ताकि यात्रियों की जानकारी मिल सके। इसके बाद टीम खुद उनसे बात करेगी।









