दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर किए गए एक ‘राजनीतिक प्रदर्शन’ ने अब कानूनी और धार्मिक विवाद का रूप ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और नेता आदिल अहमद खान के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में FIR दर्ज की है।
आपको बताते चलें कि, विवाद की जड़ सोशल मीडिया पर साझा किया गया एक वीडियो (स्किट) है, जिसे दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिल्माया गया था। वीडियो में दिखाया गया है कि दिल्ली के गंभीर प्रदूषण (AQI 376) के कारण सांता क्लॉज की वेशभूषा पहने व्यक्ति अचानक बेहोश होकर गिर जाते हैं। इसके बाद वीडियो में आप नेता उन्हें सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने का प्रयास करते हुए दिखाई देते हैं।

अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत पर यह दर्ज किया गया था मामला। जिसमे शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि:
1. सांता क्लॉज ईसाई समुदाय के एक पवित्र और सांस्कृतिक प्रतीक (सेंट निकोलस) हैं, जिन्हें राजनीतिक लाभ के लिए ‘प्रॉप’ की तरह इस्तेमाल करना अपमानजनक है।
2. भ्रामक चित्रण: सांता को सड़क पर गिरते हुए और उन पर ‘मॉक सीपीआर’ करते हुए दिखाना ईसाई समाज की आस्था और क्रिसमस के पवित्र समय (एडवेंट सीजन) का उपहास उड़ाना है।
3. कानूनी धाराएं: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया है, जो जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित हैं।
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वहीं, आप नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। सौरभ भारद्वाज ने ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भाजपा प्रदूषण के मुद्दे पर घिर गई है, इसलिए अब ध्यान भटकाने के लिए जांच एजेंसियों और एफआईआर का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता का संबंध भाजपा से है।
आप ने X पर सन्देश जारी कर लिखा कि, ”प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है और हमारा मकसद सांता क्लॉज के माध्यम से यह दिखाना था कि दिल्ली की हवा हर किसी के लिए खतरनाक हो चुकी है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है।”









