बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और नफरत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मयमनसिंह जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात 42 वर्षीय बृजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। लेकिन इस कत्ल से भी ज़्यादा खौफनाक था हत्यारे का वह बयान, जिसने सबको सुन्न कर दिया।
खून से लथपथ तड़पते हुए बृजेंद्र को देखकर हत्यारे नोमान के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। उसने ठंडे लहजे में कहा— “मैं तो बस मज़ाक कर रहा था।” एक इंसान की ज़िंदगी और मौत के बीच का फासला एक सनकी के ‘मज़ाक’ की भेंट चढ़ गया।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के बीच इस हत्या ने आग में घी डालने का काम किया है। मयमनसिंह के स्थानीय अल्पसंख्यकों में भारी रोष और डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह महज़ कोई दुर्घटना या मज़ाक नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या है।
आपको बताते चलें कि, मयमनसिंह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नोमान मिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह वास्तव में ‘दुर्घटनावश’ चली गोली थी या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही हिंदुओं, उनके मंदिरों और अब उनके जीवन पर हमले तेज़ हो गए हैं। वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संगठन इन घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं, लेकिन धरातल पर बृजेंद्र जैसे निर्दोषों का खून बहना बंद नहीं हो रहा है।









