उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम में काफी ज़्यादा सर्दी बढ़ चुकी हैं, लेकिन दूसरी तरफ ठंड के मौसम में राजनीतिक गलियारों में तापमान बढ़ता हुआ नज़र आ रहा हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिला है। यूपी की बात करें तो यहां मौसम कोई भी हो लेकिन राजनीतक तापमान हमेशा गर्म ही रहता हैं। आने वाले वक़्त में यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से ही पूरी तरह से चुनावी मोड़ में आ चुकी हैं।

यूपी में मौजूदा समय में विधानसभा सत्र जारी हैं इन सबके बीच विधायकों की अलग ही गोलबंदी देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि,अगस्त 2025 में ठाकुर विधायकों की ‘कुटुंब’ बैठक हुई थी, जिसको देखते हुए यूपी में 52 ब्राह्मण विधायकों में से 46 विधायक बीजेपी के हैं। अब इस बैठक को लेकर सपा के कद्दावर नेता शिवपाल यादव का बयान सामने आया है।

सपा महासचिव शिवपाल यादव का बयान आया सामने
सपा महासचिव शिवपाल यादव ने भाजपा पर जातियों को बांटने का आरोप लगाते हुए ब्राह्मण विधायकों को सपा में आने का ऑफर दिया है। उन्होने आगे कहा कि भाजपा जातियों में बांटकर राजनीति करती है। उन्होंने अपील की कि यदि ब्राह्मण विधायकों को भाजपा में सम्मान नहीं मिल रहा है, तो वे समाजवादी पार्टी में चले आंए।

ब्राह्मण विधायक की बैठक पर ओपी राजभर ने क्या कहा
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह देश अब ‘कृषि प्रधान’ नहीं बल्कि ‘जाति प्रधान’ हो गया है। राजभर ने सपा पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि उनकी सरकार में ब्राह्मणों को कौन सा हक मिल जाता था।









