देश में राजनीतिक उथल-पुथल और राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव के बीच, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पुष्टि की है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग, अपनी गतिविधियों पर प्रतिबंध के कारण फरवरी 2026 के राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में भाग नहीं लेगी। बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव 12 फरवरी, 2026 को होने तय हुए हैं।
हालांकि माना जा रहा है कि बांग्लादेश में अगले 2 महीनो के अंदर चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर बांग्लादेश में चुनावी सरगर्मीयां तेज़ हो गई हैं। अब इसी को लेकर बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे हैं तारिक रहमान। वह पिछले 17 साल से बांग्लादेश छोड़कर लंदन में रह रहे थे। लेकिन फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले वह अपने वतन लौटे हैं। उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जायमा रहमान भी उनके साथ बांग्लादेश आई हैं। उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकर्ताओं में इसको लेकर जश्न का माहौल है। अपरने वतन पहुंचने के बाद तारिक रहमान रहमान का अब बयान सामने आया है।

‘आई हैव ए ड्रीम… तारिक रहमान
तारिक रहमान ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए शेख हसीना सरकार की आलोचना की और उस्मान हादी का भी जिक्र किया। छात्र नेता उस्मान हादी को 12 दिसंबर को गोली मार दी गई थी जिसके बाद बीते गुरुवार को उनकी मौत हो गई थी। तारिक रहमान ने कहा, ’15 साल के शासन (शेख हसीना के दौर) में कोई भी खुलकर कुछ नहीं कह सका। 2024 के आंदोलन के नेता उस्मान हादी की हत्या कर दी गई, जो एक बहादुर नेता थे.’।
उन्होंने आगे कहा कि इस देश की कमान अब युवा पीढ़ी संभालेगी। तारिक रहमान ने कहा, ‘हम बांग्लादेश में शांति और स्थिरता चाहते हैं। मार्टिन लूथर किंग ने कहा था- आई हैव ए ड्रीम। आज मैं कहना चाहता हूं कि मेरे पास एक प्लान है- अपने देश के लोगों के लिए और अपने देश के भविष्य के लिए’।

हमे मिलकर नया बांग्लादेश बनान होगा
बांग्लादेश की मौजूदा हालत को देखते हुए अब वहां के क पुराने नेता की वतन वापसी के बाद उनका बयान सामने आया है। संबोधन की शुरुआत करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि वो अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं जिनकी कृपा से वो अपनी मातृभूमि में वापस लौट सके। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है, जिसे 1971 में भारी बलिदानों के बाद आजादी मिली थी। तारिक रहमान ने कहा कि इसी तरह का एक आंदोलन 2024 में भी देखने को मिला, जब 5 अगस्त को लोगों ने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़े होकर संघर्ष किया। उन्होंने कहा, ‘आज वक्त है कि हम सब एकजुट हों।मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और हिंदू, सभी मिलकर यहां रहते हैं. हमें मिलकर एक नया बांग्लादेश बनाना है।









