Malviya Nagar Fire Tragedy: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर (हौज रानी) इलाके में स्थित ‘होटल फ्लॉरिस स्टे’ के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक अग्निकांड में अब तक 21 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। दमकल विभाग को सुबह लगभग 9 बजे सूचना मिली, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। आपातकालीन सेवाओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
Malviya Nagar Fire Tragedy: होटल फ्लॉरिस स्टे में मची तबाही, कई विदेशी नागरिकों ने गंवाई जान
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घटना में मरने वालों में 15 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल थे। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण), अनंत मित्तल ने बताया, ‘आज सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी में आग लगने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव, निकासी और राहत कार्य शुरू किया। 8 दमकलकर्मियों की सहायता से आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है। पुलिस, दमकल सेवाओं और अन्य आपातकालीन कर्मियों के समन्वित प्रयासों से 40 से अधिक लोगों को बचाया गया है और उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस दुखद घटना में 21 लोगों की मौत हो गई है। बचाव और तलाशी अभियान अभी भी जारी है और सभी संबंधित एजेंसियां प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए मौके पर तैनात हैं।’
प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों देखी: ‘बचने का कोई रास्ता नहीं था’
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही आग की लपटों ने बहुमंजिला इमारत को तेजी से अपनी चपेट में लिया, अफरा-तफरी मच गई और कई निवासियों को खुद को बचाने के हताश प्रयास में ऊपरी मंजिलों से कूदना पड़ा। शेर खान नाम के एक निवासी ने बताया कि आग शुरू में मामूली लग रही थी, लेकिन बाद में तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। उन्होंने बताया, ‘मैं सुबह दुकान जा रहा था। पहले यहाँ छोटी सी आग लगी, फिर वह बढ़ती चली गई। जैसे-जैसे आग बढ़ती गई, ऐसा लगा जैसे बचने का कोई रास्ता ही नहीं है। लोगों ने ज़मीन पर गद्दे बिछा दिए और तीसरी मंज़िल से कुछ लोग एक छोटे बच्चे के साथ उन पर कूद गए। एक महिला ने बताया कि उसका पैर टूट गया है। लोगों ने मदद करने की बहुत कोशिश की, लेकिन समय बीतने के साथ स्थिति और भी गंभीर होती चली गई।’ (Malviya Nagar Fire Tragedy)
इलाज के लिए दिल्ली आए विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार
इस बीच, मालवीय नगर से भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि आपातकालीन बचाव दल की त्वरित कार्रवाई से त्रासदी को और अधिक भयावह होने से रोका जा सका। उन्होंने आगे कहा कि गेस्ट हाउस में कई विदेशी नागरिक थे, जिनमें बांग्लादेश और अन्य सार्क देशों के लोग शामिल थे, जो चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली आए थे और एक बड़े अस्पताल के सामने स्थित गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया, ‘यह घटना सुबह 8:51 बजे घटी। हम सुबह 9 बजे से यहां मौजूद हैं। देखते ही देखते दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने लोगों को बचाने में मदद की। अब तक 47 लोगों को बचाया जा चुका है। 21 लोगों की मौत हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। यह एक बेहद दुखद घटना है। सरकारी एजेंसियां खोज और बचाव अभियान में लगी हुई हैं। अगर एजेंसियां समय पर नहीं पहुंचतीं, तो घटना और भी भयावह हो सकती थी। यहां बांग्लादेशी और सार्क देशों के लोग इलाज के लिए आए थे और बीएनबी में ठहरे हुए थे।’ (Malviya Nagar Fire Tragedy)
पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार पैनी नजर रख रही है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मेडिकल व प्रशासनिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर शोक जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
फायर सेफ्टी मानकों में लापरवाही की आशंका, जांच में जुटी एजेंसियां
जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर दिल्ली फायर सर्विस (DFS), दिल्ली पुलिस, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और कैट्स (CATS) एम्बुलेंस सेवाएं लगातार तैनात हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट की वजह से लगी या इसमें कमर्शियल बिल्डिंग के सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) के उल्लंघन की कोई लापरवाही शामिल थी। (Malviya Nagar Fire Tragedy)









