Ram Janmabhoomi Trust First CEO: सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए हैं। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अयोध्या के मणरामदास छावनी में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा इस पद पर कार्यभार संभालने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक अपनी सेवाएं देंगे।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पहले सीईओ का चयन बेहद पेशेवर और पारदर्शी तरीके से किया गया। इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। इस पद के लिए देश भर से 5,585 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। शुरुआती छंटनी के लिए AI-इनेबल्ड स्क्रीनिंग और मैनुअल असेसमेंट का सहारा लिया गया। वर्चुअल बातचीत और इंटरव्यू के बाद केवल तीन उम्मीदवारों का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें से जीतेंद्र मिश्रा के नाम को सर्वसम्मति से चुना गया। (Ram Janmabhoomi Trust First CEO)
Ram Janmabhoomi Trust First CEO: कौन हैं एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त)?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के एक बेहद सम्मानित और जांबाज फाइटर पायलट रहे हैं। सेना में उनका करियर गौरवशाली उपलब्धियों से भरा रहा है। वायु सेना में सेवा के दौरान उन्हें 3000 से अधिक घंटे उड़ान भरने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने पिछले साल (मई 2025 में) आयोजित भारतीय वायु सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायु कमान का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया था। देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए वर्ष 2026 में उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
क्यों पड़ी सीईओ पद की जरूरत?
राम मंदिर निर्माण और उसके बाद देश-विदेश से आने वाले भारी दान के प्रबंधन को लेकर ट्रस्ट को व्यापक प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता महसूस हो रही थी। हाल ही में मंदिर के चंदे में कथित हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं के कुछ मामले सामने आए थे, जिससे ट्रस्ट की आर्थिक व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इस विवाद के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और एक अन्य पदाधिकारी ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। (Ram Janmabhoomi Trust First CEO)
मंदिर के विशाल होते जा रहे ऑपरेशन्स, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर संचालित करने के लिए एक सख्त, अनुशासित और अनुभवी प्रशासनिक मुखिया (CEO) की आवश्यकता थी, जिसे एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा पूरा करेंगे।
प्रशासनिक फेरबदल: तीन नए ट्रस्टी भी शामिल
सीईओ की नियुक्ति के साथ-साथ राम जन्मभूमि ट्रस्ट के खाली पड़े अहम पदों को भरने के लिए तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
- महेश भागचंदका: दिल्ली के प्रसिद्ध समाजसेवी, जो विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंहल के रिश्तेदार बताए जाते हैं।
- निर्मला यादव: उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद की निवासी और प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से जुड़ी महिला सदस्य।
- मदन मोहन पांडेय: अयोध्या के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित अधिवक्ता, जो कानूनी और स्थानीय मामलों में अपनी विशेषज्ञता देंगे। (Ram Janmabhoomi Trust First CEO)
एक सैन्य कमांडर के रूप में आसमान की सुरक्षा करने वाले सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के सामने अब अयोध्या के भव्य राम मंदिर परिसर के सुचारू संचालन की जमीन से जुड़ी बड़ी चुनौतियाँ होंगी। उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में रोजाना आने वाले लाखों राम भक्तों की सुगम दर्शन व्यवस्था, मंदिर की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सैकड़ों करोड़ रुपये के दान का पूरी तरह पारदर्शी डिजिटल प्रबंधन और ट्रस्ट की साख को अक्षुण्ण बनाए रखना शामिल होगा। वायु सेना में उनके दशकों के प्रबंधन और कड़े अनुशासन का अनुभव अब राम नगरी अयोध्या के नव-प्रशासनिक अध्याय में मील का पत्थर साबित हो सकता है।









