Satya Niketan Building Collapse: सत्य निकेतन इमारत हादसे के मुख्य आरोपी और फरार पीजी संचालक शुभम त्यागी ने शुक्रवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। दिल्ली के साउथ कैंपस इलाके के पास स्थित सत्य निकेतन मार्केट में 6 सितम्बर 2026 को एक पांच मंजिला इमारत ढहने से 5 छात्रों सहित 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद से ही आरोपी शुभम त्यागी, जो कि पेशे से वकील भी है, लगातार फरार चल रहा था। कोर्ट ने सरेंडर के बाद उसे और उसके पार्टनर सुधांशु को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
Satya Niketan Building Collapse: अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उठाया कदम
शुभम त्यागी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में उसने दलील दी थी कि वह केवल पीजी बिजनेस में एक वित्तीय निवेशक था और इमारत के ढांचे या चल रहे मरम्मत कार्य पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। हालांकि, एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने गुरुवार को उसकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि जांच में सामने आए दस्तावेज़ और रेंट एग्रीमेंट उसके इस दावे का खंडन करते हैं। अग्रिम जमानत की उम्मीद टूटने के ठीक अगले दिन शुभम त्यागी के पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
मामले में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार
6 सितम्बर को दोपहर करीब 1 बजे यह पांच मंजिला इमारत उस समय भरभराकर ढह गई, जब इसमें मरम्मत और स्ट्रक्चरल बदलाव का काम चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290 और 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में पुलिस अब तक 6 आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है, जिनमें शुभम त्यागी व सुधांशु लोवनीश कुमार (पीजी संचालक और बिजनेस पार्टनर) हरिराम गुप्ता (81) और उर्मिला (75) (इमारत के बुजुर्ग मकान मालिक) और निर्माण कार्य करा रहा लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज कुमार शामिल है। (Satya Niketan Building Collapse)
पुलिस कस्टडी और आगे की जांच
ड्यूटी मजिस्ट्रेट निशु जिंदल ने दिल्ली पुलिस की मांग पर शुभम त्यागी और सुधांशु को दो दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है। इसके अलावा शुभम त्यागी का मोबाइल फोन बरामद करना और छात्रों से वसूले गए किराए के वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ना अभी बाकी है।
प्रशासन पर गिरी गाज और हाईकोर्ट का कड़ा रुख
इस भयावह हादसे ने दिल्ली नगर निगम (MCD) की लापरवाही को भी उजागर किया है। घटना के तुरंत बाद एमसीडी ने लापरवाही बरतने के आरोप में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चल रहे पीजी आवासों में सुरक्षा मानकों और नियमों की जांच के लिए व्यापक निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसे किसी जानलेवा खतरे का सामना न करना पड़े। (Satya Niketan Building Collapse)









