Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप (Women’s Asia Cup 2026) का खिताब अपने नाम कर लिया है। 13 सितंबर 2026 को खेले गए इस महामुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
जवाब में, 2024 की चैंपियन श्रीलंकाई टीम भारतीय स्पिन गेंदबाजी के आगे पूरी तरह लड़खड़ा गई और 20 ओवरों में महज 111 रनों पर सिमट गई। इस बड़ी जीत के साथ हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय सेना ने न सिर्फ महाद्वीप पर अपना दबदबा बहाल किया, बल्कि 2024 के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया।
Women’s Asia Cup 2026: शेफाली-स्मृति की रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (68 रन, 39 गेंद) और उप-कप्तान स्मृति मंधाना (59 रन, 39 गेंद) ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 129 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी हुई, जो महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी पार्टनरशिप है।
शेफाली ने मात्र 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिसमें उन्होंने 9 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के जड़े। वहीं, स्मृति मंधाना ने भी उनका बखूबी साथ निभाते हुए 5 चौके और 3 छक्के लगाए। इस आक्रामक शुरुआत की बदौलत भारत ने पावरप्ले में ही बिना कोई विकेट खोए 57 रन बना लिए थे। (Women’s Asia Cup 2026)
कमलनी के धमाके ने भारत को 183 तक पहुंचाया
13वें ओवर में स्मृति मंधाना के रनआउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मैच में वापसी की कोशिश की और भारतीय रनों की रफ्तार पर थोड़ी लगाम लगाई। कप्तान हरमनप्रीत कौर (14), ऋचा घोष (17) और भारती फुलमाली (2) बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं। हालांकि, इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेल रही युवा खिलाड़ी गुणन कमलनी ने आखिरी ओवर में आक्रामक रुख अपनाया। कमलनी ने महज 5 गेंदों में 1 छक्के और 1 चौके की मदद से नाबाद 15 रन ठोककर भारत के स्कोर को 183 तक पहुंचा दिया, जो दुबई की पिच पर एक बेहद मजबूत स्कोर था।
भारतीय स्पिनर्स का चक्रव्यूह: श्री चरणी और दीप्ति का कहर
184 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। भारत के कड़े गेंदबाजी आक्रमण के सामने उनके विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथ्थु ने 36 रनों की जुझारू पारी खेलकर कुछ उम्मीदें जगाईं, लेकिन 10वें ओवर में स्टार स्पिनर दीप्ति शर्मा ने श्रीलंका को दोहरा झटका दिया। दीप्ति ने पहले अथापथ्थु को स्टंप आउट कराया और फिर अगली ही गेंद पर विश्मी गुणरत्ने को बोल्ड कर श्रीलंका की कमर तोड़ दी। (Women’s Asia Cup 2026)
इसके बाद रही-सही कसर श्री चरणी की फिरकी ने पूरी कर दी। चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट चटकाए और वह इस साल भारत के लिए टी20ई में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गईं। दीप्ति शर्मा (3/19) ने आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर श्रीलंका का आखिरी विकेट चटकाकर टीम को 111 रनों पर ऑलआउट कर दिया और भारत को 72 रनों की ऐतिहासिक जीत दिलाई।
आठवीं बार एशिया की रानी बना भारत
इस शानदार जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप टूर्नामेंट में अपना एकछत्र राज कायम रखा है। कुल 9 बार आयोजित हुए महिला एशिया कप में से 8 बार ट्रॉफी भारत के नाम रही है। यह खिताबी जीत भारतीय टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर ले जाएगी, क्योंकि टीम अब अपने अगले बड़े मिशन एशियन गेम्स 2026 में खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी, जहां उनका पहला मुकाबला जापान से होना है। (Women’s Asia Cup 2026)









