UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रोजगार के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के रोजगार और बेरोजगारी को लेकर दिए गए हालिया बयान पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आंकड़ों के साथ तीखा हमला बोला है।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को जमीनी हकीकतों और सरकारी आंकड़ों की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ सालों में युवाओं को रिकॉर्ड संख्या में नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं।
UP Politics: अखिलेश यादव का आरोप और विपक्ष की घेराबंदी
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और विकास के साथ-साथ रोजगार हमेशा से एक संवेदनशील और प्रमुख राजनीतिक मुद्दा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव अक्सर युवाओं की बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में देरी को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। उन्होंने अपने हालिया बयानों में सरकार पर युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया था। विपक्ष की रणनीति युवाओं और छात्रों को साधकर सरकार विरोधी माहौल तैयार करने की रही है।
राजभर का पलटवार: ‘अखिलेश जी को आंकड़ों की जानकारी नहीं’
अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देने के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर खुद सामने आए। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले सही तथ्यों की जानकारी जुटा लेनी चाहिए। राजभर ने योगी सरकार के कार्यकाल के दौरान दी गई नौकरियों और रोजगार के आंकड़े गिनाए। (UP Politics)
राजभर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल के दौरान अब तक प्रदेश में 9.5 लाख से भी अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। ग्रामीण स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगभग 58,000 पंचायत सहायकों को नियुक्त कर सीधे रोजगार से जोड़ा गया है। सरकार ने महसूस किया है कि हर नागरिक को सीधे सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, लेकिन सभी के लिए रोजगार के साधन तैयार किए जा सकते हैं। इसके तहत कैबिनेट से ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी गई।
इस योजना के अंतर्गत युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ऋण योजना और स्वरोजगार योजनाओं से अब तक 2 लाख से अधिक युवा सीधे तौर पर लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जिले में नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि निजी क्षेत्र की कंपनियां स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरियां दे सकें। (UP Politics)
बुनियादी ढांचे और विकास पर भी घेरा
रोजगार के अलावा ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को बुनियादी ढांचे और विकास के मुद्दों पर भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकाल में केवल एक-दो एक्सप्रेसवे की बात की जाती थी, जबकि भाजपा और एनडीए सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल बिछ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाई है, बल्कि इनके किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित होने से स्थानीय रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
2027 के चुनावी समर की तैयारी?
यूपी की राजनीति में रोजगार को लेकर चल रही यह खींचतान केवल बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी राजनीतिक और चुनावी बिसात के रूप में देखा जा रहा है। जहां एक तरफ अखिलेश यादव युवाओं के असंतोष को भुनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ओम प्रकाश राजभर जैसे कद्दावर नेता सरकार के दावों और आंकड़ों के जरिए विपक्ष के नैरेटिव को ध्वस्त करने में जुटे हैं। (UP Politics)









