UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला
UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, NHAI ने PNC इंफ्राटेक पर लगाया 3 साल का बैन

Lucknow-Kanpur Expressway

Lucknow-Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर माने जाने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में बड़ी लापरवाही और गुणवत्ता में गंभीर खामियां सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ऐतिहासिक और बेहद सख्त कदम उठाया है। प्राधिकरण ने इस 6-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी PNC इंफ्राटेक और उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करते हुए 3 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।

इस कड़े एक्शन के बाद अब अगले तीन सालों तक PNC इंफ्राटेक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और उनकी किसी भी अन्य कार्यकारी एजेंसियों द्वारा जारी किए जाने वाले किसी भी नए टेंडर या प्रोजेक्ट के लिए बोली नहीं लगा पाएगी। करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस ड्रीम प्रोजेक्ट में उद्घाटन के कुछ ही दिनों के अंदर आई तकनीकी खामियों ने देश के निर्माण मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Lucknow-Kanpur Expressway: उद्घाटन के कुछ ही दिनों में धंस गई सड़क

यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 को ही आम जनता के लिए खोला गया था। लेकिन इसके उद्घाटन के महज 12 से 26 दिनों के भीतर ही एक्सप्रेसवे की हकीकत खुलकर सामने आ गई। एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही अलग-अलग जगहों पर सड़क में दरारें आ गईं, डामर और तारकोल उखड़ने लगा, और मिट्टी के बड़े धंसाव के कारण 70 से अधिक स्थानों पर गड्ढे हो गए।

30 जुलाई को मिट्टी से लदा एक भारी ट्रक सड़क के एक धंसे हुए हिस्से में फंस गया, जिसके बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं। एक्सप्रेसवे की इस बदहाली का मामला देखते ही देखते इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंच गया, जिसके बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब तलब किया। (Lucknow-Kanpur Expressway)

‘पंखे से सड़क सुखाने’ के वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें

सड़क धंसने के बाद निर्माण कंपनी की तरफ से की गई एक अजीबोगरीब हरकत ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं और प्रशासन की किरकिरी कराई। लगातार हो रही बारिश के बीच, कंपनी के कर्मचारियों ने गीले डामर को सुखाने के लिए बड़े-बड़े औद्योगिक पेडेस्टल पंखे लगा दिए ताकि नुकसान को पैचवर्क के जरिए तुरंत छुपाया जा सके। जब इस लापरवाही का वीडियो वायरल हुआ, तो केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI को अत्यधिक सख्त रुख अख्तियार करने पर मजबूर होना पड़ा।

वित्तीय मार और अन्य कड़े कदम

PNC इंफ्राटेक के खिलाफ सिर्फ प्रतिबंध ही नहीं लगाया गया है, बल्कि कंपनी पर चौतरफा वित्तीय और तकनीकी एक्शन लिया गया है।

  • टोल वसूली पर अनिश्चितकालीन रोक: जब तक एक्सप्रेसवे की सभी कमियों को पूरी तरह से दुरुस्त नहीं कर लिया जाता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली पूरी तरह से बंद कर दी गई है। (Lucknow-Kanpur Expressway)
  • प्रतिदिन 42 लाख रुपये की भरपाई: टोल वसूली रुकने के कारण होने वाले अनुमानित 42 लाख रुपये प्रतिदिन के नुकसान की भरपाई खुद निर्माण कंपनी को NHAI को करनी होगी।
  • 2% का भारी जुर्माना: कंपनी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राशि का 2 प्रतिशत हिस्सा जुर्माने के रूप में वसूला जाएगा।
  • खुद के खर्च पर री-सरफेसिंग: प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच के लिए IIT खड़गपुर की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है। विशेषज्ञों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, पैचवर्क से काम नहीं चलेगा और कंपनी को अपने खर्च पर इस पूरे प्रभावित हिस्से की री-सरफेसिंग करनी होगी, जिससे कंपनी पर करोड़ों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

अधिकारियों और कंसलटेंट पर भी गिरी गाज

NHAI ने केवल कंपनी को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि इस धांधली में शामिल अधिकारियों और प्रोजेक्ट की निगरानी करने वाले इंजीनियर्स को भी आड़े हाथों लिया है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता और स्वतंत्र इंजीनियरों सुरेंद्र कुमार और यतेंद्र कुमार को 2 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। (Lucknow-Kanpur Expressway)

मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है, जबकि पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया और वर्मा दोनों के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में चार्जशीट जारी की जा रही है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट की स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकार कंपनी, ‘थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ को भी भविष्य के प्रोजेक्ट्स से प्रतिबंधित करने के लिए नोटिस दिया गया है।

कंपनी का पक्ष और बाजार पर असर

इस कार्रवाई के बाद शेयर बाजार में PNC इंफ्राटेक के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। कंपनी ने अपनी नियामक फाइलिंग में स्वीकार किया कि उन्हें 11 सितंबर 2026 को NHAI का यह आदेश प्राप्त हुआ है। कंपनी का दावा है कि लगातार और अत्यधिक भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे का लगभग 300 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ था, जिसे ठीक किया जा रहा है। (Lucknow-Kanpur Expressway)

हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिबंध से उनके मौजूदा चल रहे प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशन्स या मेंटेनेंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नए टेंडर्स न मिल पाने के कारण लंबी अवधि में कंपनी के बिजनेस को बड़ा झटका लग सकता है। PNC इंफ्राटेक अब इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशने और कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मामले में NHAI का यह कड़ा फैसला देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए एक बड़ा संदेश है। यह कार्रवाई साफ करती है कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अब गति के साथ-साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। समय सीमा से पहले काम खत्म करने के चक्कर में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाली कंपनियों के लिए यह कार्रवाई एक कड़ा सबक साबित होगी। (Lucknow-Kanpur Expressway)

Vaishali
Author: Vaishali

Comments are closed.

और पढ़ें